रांची में हिरासत में मौत के मामले पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। शाईदा खातून की याचिका पर सुनवाई की गई। अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया। सीजेएम पलामू से मूल रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया। यह रिकॉर्ड पांकी थाना कांड संख्या 25/2025 से संबंधित है। अदालत ने कई सवाल उठाए हैं। सरकार की ओर से दस्तावेज देने के लिए समय मांगा गया। स्वास्थ्य से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। जेल अधीक्षक के रिटायरमेंट का कारण बताया गया। अदालत ने इस पर नाराजगी जताई।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि बहाने नहीं बनाए जाएं। दस्तावेज समय पर प्रस्तुत करना जरूरी है। अदालत ने 5 मई तक की समय सीमा तय की। यदि दस्तावेज पेश नहीं किए गए तो सख्त कार्रवाई होगी। आईजी प्रिजन और गृह सचिव को कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। अदालत ने चेतावनी दी है। प्रार्थी पक्ष के वकीलों ने जोरदार पैरवी की। उन्होंने मामले को गंभीर बताया। अदालत ने पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। जांच प्रक्रिया को मजबूत करने की बात कही गई।
पिछली सुनवाई में मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठे थे। एक रिपोर्ट में युवक को फिट बताया गया था। दूसरी में चोट का जिक्र था। इस विरोधाभास को अदालत ने गंभीर माना। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई की। प्रार्थी के अनुसार युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया था। उसके साथ मारपीट का आरोप है। बाद में उसकी मौत हो गई। मामले की जांच जारी है। अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। आगे की सुनवाई निर्धारित समय पर होगी।



