तमिलनाडु गैस रिसाव हादसे के बाद झारखंड सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी प्रभावित प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर दी है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर राहत अभियान तुरंत शुरू किया गया। श्रम विभाग और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने पूरी जिम्मेदारी संभाली। सभी 42 श्रमिक ट्रेन से झारखंड लौट रहे हैं। सरकार ने उनकी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यह औद्योगिक दुर्घटना तिरुवल्लूर जिले की एक फैक्ट्री में हुई थी। अमोनिया गैस रिसाव के कारण कई श्रमिक प्रभावित हुए थे। मुख्यमंत्री ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने लगातार निगरानी करते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए। राहत अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
राज्य सरकार ने तमिलनाडु प्रशासन, रेलवे और अस्पताल प्रबंधन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा। सभी प्रभावित श्रमिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। उनकी इच्छा के अनुसार उन्हें झारखंड भेजने की व्यवस्था की गई। रेलवे ने विशेष अनुरोध पर एक स्लीपर कोच उपलब्ध कराया। सभी श्रमिक चेन्नई सेंट्रल से रवाना हुए। यात्रा के दौरान भोजन और पानी की सुविधा दी गई। रेलवे सुरक्षा बल को भी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया। अधिकारियों ने पूरी यात्रा पर नजर बनाए रखी। सरकार ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही। इस अभियान में सभी विभागों ने मिलकर काम किया।
हादसे में धनबाद निवासी सुश्री प्रीति देवी की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। सरकार ने उनके परिजनों की सहायता के लिए तत्काल कदम उठाए। शव की पहचान और पोस्टमार्टम सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराई गईं। पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से रांची लाया जा रहा है। एयरपोर्ट से एम्बुलेंस के जरिए उसे धनबाद भेजा जाएगा। सरकार ने सम्मानपूर्वक अंतिम यात्रा की व्यवस्था की है। मृतका के परिवार को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। संबंधित नियोक्ता और अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। सरकार ने पीड़ित परिवार के साथ हर स्तर पर सहयोग का भरोसा दिया है। राज्य सरकार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आगे भी हर संभव सहायता दी जाएगी।



