रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से पांच नियमित उड़ानों के अस्थायी रूप से बंद होने पर झारखंड चैंबर ने चिंता व्यक्त की है। संगठन ने इसे राज्य के लिए चिंताजनक बताया है। चैंबर का कहना है कि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए उड़ानों में कटौती उचित नहीं है। अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि नई उड़ानों की शुरुआत की जानी चाहिए। उन्होंने एयरलाइंस और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। सावन माह में यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई गई। ऐसे समय में बेहतर हवाई सुविधा आवश्यक बताई गई। चैंबर ने राज्य के हित में सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई। यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई।
चैंबर ने रांची से कई नए शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग दोहराई। इनमें जयपुर, गोवा, सूरत, रायपुर, वाराणसी, अमृतसर, बागडोगरा और गुवाहाटी शामिल हैं। देवघर एयरपोर्ट से चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद की सीधी सेवा भी मांगी गई। इससे श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। चिकित्सा और शिक्षा के लिए यात्रा करने वालों को राहत मिलेगी। संथाल परगना क्षेत्र के विकास में भी मदद मिलेगी। चैंबर ने सरकार से इस दिशा में शीघ्र पहल करने की मांग की। बेहतर हवाई संपर्क को विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। नई उड़ानों की शुरुआत से राज्य को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई।
चैंबर के अनुसार बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वार्षिक यात्री संख्या लगभग 27 लाख तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद उड़ानों का बंद होना चिंता का विषय बताया गया। रांची-भुवनेश्वर उड़ान के संचालन में भी कमी की जानकारी दी गई। अंतिम समय में उड़ान रद्द होने पर यात्रियों को कठिनाई होती है। उन्होंने एयरलाइंस की जवाबदेही तय करने की मांग की। डीजीसीए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया। संभावित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का भी स्वागत किया गया। दुबई और बैंकॉक के लिए सीधी सेवा शुरू होने की उम्मीद जताई गई।



