गोड्डा सदर अस्पताल में हुई एक दुखद घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। प्रसव के लिए भर्ती एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान पथरगामा थाना क्षेत्र के कोल्हुआ गांव निवासी बीरमा देवी के रूप में हुई है। बताया गया कि प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें अस्पताल लाया गया था। भर्ती होने के बाद चिकित्सकीय देखरेख में उनका उपचार शुरू किया गया। लेकिन उनकी स्थिति लगातार गंभीर बनी रही। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। इसके बावजूद महिला और शिशु दोनों की जान नहीं बच सकी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर फैल गई है।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि महिला गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी। शरीर में खून की कमी होने के कारण प्रसव के दौरान जटिलताएं बढ़ गईं। अत्यधिक रक्तस्राव और कमजोरी के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों के अनुसार यही दोनों मौतों का मुख्य कारण बना। सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं को पोषण और आयरन की दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके लिए विभिन्न योजनाएं भी संचालित हैं। बावजूद इसके महिला में गंभीर एनीमिया पाए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित जांच और जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी मामले की समीक्षा की मांग की है। हालांकि इस संबंध में मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
परिजनों ने बताया कि मृतका के पति का निधन करीब एक माह पहले दिल्ली में हो गया था। परिवार पहले से ही गहरे दुख में था। अब इस घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। बीरमा देवी अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। बच्चों का भविष्य अब चिंता का विषय बन गया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अव्यवस्था की स्थिति भी सामने आई। बताया गया कि शव को छोड़कर मृतका की सास अस्पताल से चली गई थी।



