रांची में झारखंड पुलिस के DSP रामप्रवेश कुमार के खिलाफ उनकी पत्नी ने सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। रामप्रवेश कुमार वर्तमान में बोकारो में CCR DSP के पद पर तैनात हैं। पत्नी ने अपनी शिकायत में पति पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा मायके से पैसे लाने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है। महिला के अनुसार, घरेलू विवाद के दौरान उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई। घटना के बाद महिला के परिजनों को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। बताया गया है कि पीड़िता के पिता भी पुलिस विभाग में DSP स्तर के अधिकारी हैं। वह रांची के सदर थाना क्षेत्र में ही रहते हैं। घटना के बाद उन्होंने अपनी बेटी को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। FIR दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत में मारपीट और पैसों के लिए दबाव बनाने सहित कई आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान पीड़िता का बयान दर्ज किया जा सकता है। उसके परिजनों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा सकती है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। घटना से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा सकते हैं। अस्पताल में महिला के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि पति-पत्नी के बीच विवाद किस कारण हुआ। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
बताया जा रहा है कि रामप्रवेश कुमार और उनकी पत्नी की शादी इसी साल हुई थी। शादी के कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। इसी विवाद के बाद पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने अपनी शिकायत में पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जाएगा। दोनों पक्षों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस पूरे मामले को समझने का प्रयास करेगी। आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल सदर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।



