राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान यानी रिम्स में नए सत्र की शुरुआत 15 सितंबर से होगी। नए बैच के विद्यार्थियों की पढ़ाई इसी तारीख से शुरू करने की तैयारी है। पहले चरण की काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। राज्य कोटे के तहत चयनित विद्यार्थियों का नामांकन भी पूरा हो गया है। सेंट्रल कोटे की सीटों के लिए दाखिला प्रक्रिया अभी चल रही है। एनएमसी के निर्देशों के अनुरूप शैक्षणिक सत्र शुरू किया जाएगा। नए विद्यार्थियों के लिए शुरुआत में फाउंडेशन कोर्स कराया जाएगा। यह प्रशिक्षण लगभग दो सप्ताह तक चल सकता है। कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को कॉलेज की व्यवस्था समझाई जाएगी। उन्हें मेडिकल पढ़ाई से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जाएगी।
फाउंडेशन कोर्स में संस्थान के नियमों से विद्यार्थियों को अवगत कराया जाएगा। पढ़ाई की प्रक्रिया और कॉलेज की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज के माहौल के लिए तैयार करना है। इस बार रिम्स में एमबीबीएस की 250 सीटों पर प्रवेश हुआ है। संस्थान में पहली बार इतनी सीटों पर विद्यार्थियों का दाखिला लिया गया है। झारखंड में 250 एमबीबीएस सीटों वाला रिम्स एकमात्र मेडिकल कॉलेज है। सीटों में बढ़ोतरी से मेडिकल विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। नए सत्र में पहले से अधिक विद्यार्थी चिकित्सा शिक्षा हासिल करेंगे। राज्य कोटे का नामांकन पूरा होने के बाद अब सेंट्रल कोटे पर फोकस है। बची हुई प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का काम जारी है।
सेंट्रल कोटे के चयनित विद्यार्थियों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। इसके बाद नए बैच में सभी चयनित विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे। कॉलेज प्रशासन ने नए सत्र को लेकर जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों की व्यवस्था की जा रही है। 15 सितंबर से कक्षाएं शुरू होने के साथ नया सत्र आगे बढ़ेगा। शुरुआती दिनों में विद्यार्थियों को संस्थान की व्यवस्था समझने का अवसर मिलेगा। फाउंडेशन कोर्स के दौरान उन्हें जरूरी शैक्षणिक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के तौर-तरीकों की जानकारी भी साझा की जाएगी। नए सत्र में बढ़ी हुई सीटों के कारण विद्यार्थियों की संख्या अधिक होगी। रिम्स में इस बार का एमबीबीएस बैच इसी वजह से खास रहेगा।



