Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के तीन संविदा ड्राइवरों को अंतरिम राहत दी है। ये कर्मचारी दुमका और साहिबगंज डिवीजन में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी सेवाओं को स्थायी करने की मांग को लेकर रिट याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को उनके वर्तमान कार्यस्थल पर काम करने दिया जाए। अदालत ने उनका मासिक मानदेय भी जारी रखने को कहा है।
याचिका चंद्रशेखर भंडारी, सुरेश कुर्मानी और भूषण पासवान की ओर से दाखिल की गई है। तीनों कर्मी सुपरिटेंडेंट इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के कार्यालयों में ड्राइवर के रूप में काम करते हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे दस वर्ष से अधिक समय से संविदा के आधार पर सेवा दे रहे हैं। इसके बावजूद विभाग ने अब तक उनकी सेवाओं को नियमित नहीं किया है। सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने इस स्थिति से अदालत को अवगत कराया। उन्होंने कर्मियों के स्थायीकरण की मांग की।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह और अधिवक्ता राजलक्ष्मी शर्मा ने दलीलें पेश कीं। वकीलों ने लंबे समय से सेवा देने के बावजूद नियमितीकरण नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने अदालत से प्रार्थियों को नियमित करने का आग्रह किया। अदालत ने फिलहाल उनके काम और मानदेय को जारी रखने का निर्देश दिया। साथ ही, राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा गया है।
मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को निर्धारित की गई है। राज्य सरकार को अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा। फिलहाल याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत मिली है। हालांकि, उनकी स्थायीकरण की मांग पर अंतिम फैसला होना बाकी है। अगली सुनवाई में मामले पर आगे विचार किया जाएगा।



