गुमला में वन विभाग की टीम ने एक बिछड़े हाथी के बच्चे को उसकी मां से मिलाकर राहत की खबर दी है। बच्चा मारासिली जंगल में घायल हालत में मिला था। सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। वनपाल शेखर सिंह की अगुवाई में टीम जंगल पहुंची। कर्मचारियों ने सावधानी से बच्चे को रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे बसिया लाया गया।
बसिया में चिकित्सकों की विशेष टीम ने हाथी के बच्चे का प्राथमिक उपचार किया। उसकी देखभाल के बाद उसे मां से मिलाने की योजना बनाई गई। वन विभाग के कर्मी उसे सुरहू जंगल लेकर पहुंचे। यह जंगल बसिया प्रखंड में स्थित है। वहां उसकी मां के होने की जानकारी मिली थी। टीम ने बच्चे को सुरक्षित तरीके से हथिनी के पास पहुंचाया। मां ने अपने बच्चे को देखते ही उसे स्नेह से सहलाना शुरू कर दिया। नन्हा हाथी भी मां के पास पहुंचकर खुश दिखाई दिया। इस मिलन को देखकर बचाव दल के सदस्यों ने राहत महसूस की।
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, बसिया, कामडारा और पालकोट प्रखंड में पिछले कई दिनों से हाथियों का एक झुंड घूम रहा है। इस झुंड में कुल 22 हाथी बताए गए हैं। इनमें कई छोटे हाथी भी शामिल हैं। इसी झुंड से एक बच्चा बिछड़ गया था। अकेले जंगल में मिलने के दौरान वह घायल अवस्था में था। वन विभाग की टीम ने सूचना मिलते ही उसे बचाने की पहल की। चिकित्सकों की मदद से उसका प्राथमिक उपचार कराया गया। इसके बाद उसे उसकी मां तक पहुंचाने का प्रयास सफल रहा। मां और बच्चे का मिलन वहां मौजूद अधिकारियों के लिए भावुक पल बन गया।
इस पूरे अभियान में वन विभाग की टीम ने सतर्कता के साथ काम किया। बच्चे को सुरक्षित स्थान पर लाने के बाद उसकी चिकित्सकीय देखभाल की गई। फिर उसे उसके प्राकृतिक परिवेश में मां के पास पहुंचाया गया। हथिनी ने अपने खोए बच्चे को प्यार से अपनाया। इस दृश्य ने बचाव अभियान में शामिल कर्मचारियों को भावुक कर दिया। अधिकारियों ने बच्चे के परिवार से दोबारा मिलने पर संतोष जताया। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से यह अभियान सफल हुआ। नन्हे हाथी को मां का साथ वापस मिल गया।



