झारखंड हाईकोर्ट में अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार ने अदालत को जांच की प्रगति की जानकारी दी। सरकार की ओर से बताया गया कि मामले की जांच के लिए आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया है। यह टीम पूरे मामले की तेजी से जांच करेगी। एसआईटी की अगुवाई हजारीबाग सदर एसडीपीओ करेंगे। अदालत ने सरकार को जांच की स्टेटस रिपोर्ट 19 नवंबर तक दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विकास कुमार ने पक्ष रखा। सुनवाई न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में हुई। इससे पहले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया था। अदालत ने सरकार से कहा था कि अनुसंधान की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपी जाए। अब सरकार ने एसआईटी गठित करने की जानकारी अदालत को दी है। इस मामले में अनुष्का के भाई देवजीत चक्रवर्ती ने क्रिमिनल रिट याचिका दाखिल की है। याचिका में मौत की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। प्रार्थी ने घटना की व्यापक जांच कराने का आग्रह भी किया है। अनुष्का की मौत हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में हुई थी।
मृतका के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने पति कुशाग्र रुद्र और उसके माता-पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि अनुष्का को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और उसकी हत्या की गई। अनुष्का और कुशाग्र ने करीब तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद दोनों इसी फ्लैट में रह रहे थे। मामले में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। अदालत को बताया गया था कि महज तीन घंटे के भीतर अनुष्का का दो बार पोस्टमार्टम किया गया। प्रार्थी की ओर से इसे संदेह पैदा करने वाला तथ्य बताया गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि घटना के समय अनुष्का का पैर जमीन से सटा हुआ था। उसके शरीर पर कई चोट के निशान भी पाए गए थे। इन परिस्थितियों के आधार पर परिवार ने मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले में अनुष्का के पति कुशाग्र रुद्र ने 29 अक्टूबर को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया। पुलिस उससे मामले को लेकर पूछताछ कर रही है। अब हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति पर रिपोर्ट मांगी है। एसआईटी की जांच और सरकार की ओर से पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर मामले की आगे की सुनवाई में नजर रहेगी।



