बदल रहा है सियासी समीकरण, विधानसभा में BJP तो लोकसभा में कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौतियां
छत्तीसगढ़ के सियासी मैदान में आगामी समय में होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मुकाबला बड़ा रोचक रहने वाला है। ऐसा इसलिए क्योंकि जहां 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी (एनडीए) के सामने जीत हासिल करने की चुनौती रहेगी तो वहीं, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस (I.N.D.I.A) के सामने बढ़त हासिल करना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद दोनों में से किसी के लिए भी चुनाव एकतरफा नहीं रहने वाला। देश की सियासत में साल दर साल सियासी समीकरण बदल रहे हैं और इसी का नतीजा है कि कई राज्यों में कांग्रेस वापसी करने में सफल हुई है तो वहीं कुछ राज्य कांग्रेस के हाथ से खिसके हैं।
बात छत्तीसगढ़ की करें तो वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 90 में से 68 सीटों पर जीत हासिल कर बड़ी बढ़त बनाई थी। बीजेपी को डेढ़ दशक बाद सत्ता की कुर्सी से अलग किया था। वहीं, वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 11 में से सिर्फ दो सीटों पर ही बढ़त हासिल करने में कामयाब हुई थी।बीजेपी लगा रही है भ्रष्टाचार के आरोप
आगामी एक साल के भीतर राज्य में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव होने हैं, लिहाजा दोनों राजनीतिक दल पूरी जोर आजमाइश में लगे हुए हैं। कांग्रेस जहां सत्ता में आने से पहले जन घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने का दावा कर रही है तो वहीं, बीजेपी लगातार वादों को पूरा न करने का आरोप लगा रही है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव खुले तौर पर भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में घोटाले और भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाते हैं। उनका कहना है कि गरीबों के सिर से छत छीनने का काम भी कांग्रेस की सरकार ने किया है। अब ज्यादा दिन यह बघेल सरकार रहने वाली नहीं है।




