नई दिल्ली: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने भारतीय विमानन क्षेत्र में केबिन क्रू के प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए एक ‘क्षमता-आधारित प्रशिक्षण और मूल्यांकन ढाँचा’ (Competency-Based Training and Assessment Framework) लागू करने की योजना बनाई है। यह नया ढाँचा वर्तमान प्रशिक्षण प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा, जिसका सीधा उद्देश्य हवाई यात्रा के दौरान यात्री सुरक्षा और सेवा मानकों को वैश्विक स्तर तक ले जाना है।
DGCA के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह नई प्रणाली केबिन क्रू को दिए जाने वाले प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी और प्रासंगिक बनाने में मदद करेगी। क्षमता-आधारित प्रशिक्षण का मतलब है कि क्रू सदस्यों का मूल्यांकन केवल सैद्धांतिक ज्ञान के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक नौकरी की स्थितियों में उनके प्रदर्शन और आवश्यक कौशल के आधार पर किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि आपातकालीन स्थितियों और दैनिक कार्यों में केबिन क्रू उच्चतम पेशेवर मानकों को बनाए रखने में सक्षम हों।
DGCA का मानना है कि यह नया ढाँचा न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को सुधारेगा, बल्कि एयरलाइन परिचालन में भी समग्र दक्षता और सुरक्षा में वृद्धि करेगा। यह पहल भारतीय विमानन उद्योग को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस ढाँचे के तहत, केबिन क्रू के मूल्यांकन और प्रमाणन की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जाएगा। यह कदम केबिन क्रू की भूमिका को अधिक पेशेवर और जिम्मेदार बनाने के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।



