कैलिफोर्निया की सीनेट न्यायपालिका समिति (Senate Judiciary Committee) ने मंगलवार को प्रांत में जातिगत भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान करने वाले एक विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। भारतीय-अमेरिकी व्यापार और मंदिर संगठनों के कड़े विरोध के बीच यह बिल आगे बढ़ रहा है। कैलिफोर्निया स्टेट सीनेट न्यायपालिका समिति ने मंगलवार को जातिगत भेदभाव पर प्रतिबंध संबंधी विधेयक को सीनेट की मंजूरी के लिए भेजने के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। कैलिफोर्निया की सीनेटर आयशा वहाब ने इस बिल को पेश किया है।
कौन हैं सीनेटर आयशा वहाब?
प्रांतीय सीनेटर आयशा वहाब ने पिछले महीने 22 मार्च को यह विधेयक पेश किया था। आयशा वहाब कैलिफोर्निया की सीनेट के लिए निर्वाचित होने वाली पहली मुस्लिम और पहली अफगान-अमेरिकी महिला हैं। वहाब का जन्म न्यूयॉर्क में और पालन-पोषण सैन फ्रांसिस्को खाड़ी क्षेत्र में हुआ। कम उम्र में ही मां की मृत्यु और पिता के मारे जाने के बाद उन्हें और उनकी बहन को फोस्टर केयर सिस्टम में रखा गया। इन बहनों को फ्रेमोंट के एक अफगान परिवार ने गोद लिया था, जिसे ‘लिटिल काबुल’ भी कहते हैं।
2022 में बनीं पहली मुस्लिम सीनेटर
परिवार के हेवर्ड चले जाने के बाद वहाब एक कम्युनिटी ऑर्गनाइज़र बनीं और वकालत को बतौर प्रोफेशन चुना। अपने चुनावी प्रचार के दौरान उन्हें इस्लामोफोबिक और नस्लवादी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। लेकिन वह 2018 में हेवर्ड सिटी काउंसिल सदस्य के रूप में अमेरिका के सरकारी ऑफिस में काम करने वाली पहली अफगान-अमेरिकी महिला बनीं। वहाब 2022 में कैलिफोर्निया में पहली मुस्लिम और पहली अफगान-अमेरिकी सीनेटर भी बनीं। उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में बीए, एमबीए और पीएचडी की डिग्री हासिल की है।



