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खनिज ढुलाई में ओवरलोडिंग पर सरकार सख्त.

तीन दिनों के आंकड़ों में करोड़ों का राजस्व नुकसान.

Ranchi: झारखंड में खनिज ढुलाई के दौरान ओवरलोडिंग का मामला सामने आया है। खान एवं भूतत्व विभाग ने इसे राज्य के राजस्व के लिए गंभीर नुकसान बताया है। विभाग के अनुसार ओवरलोडिंग के कारण हर साल करीब 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। इस संबंध में खान सचिव ने परिवहन सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में ओवरलोडिंग रोकने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई का सुझाव दिया गया है। विभाग ने 11 से 13 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों को आधार बनाया है। CCL, BCCL, NTPC Mining Ltd, WBPDCL और DVC Tubed Coal Mine की ढुलाई की जानकारी जुटाई गई। JIMMS पोर्टल पर दर्ज चालानों से इन आंकड़ों का मिलान किया गया। तीन दिनों में 62,723 चालान पोर्टल पर उपलब्ध मिले। विभाग के मुताबिक जांच में ओवरलोडिंग की स्थिति सामने आई है।

इन चालानों में कोयले की ढुलाई से जुड़े 41,969 चालान थे। लौह अयस्क के लिए 1,435 चालान उपलब्ध थे। पत्थरों की ढुलाई से जुड़े 19,319 चालान भी पोर्टल पर दर्ज थे। इनमें से 40,763 चालानों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। जांच में 77,456.255 मीट्रिक टन कोयले की ढुलाई की पुष्टि हुई। CCL ने 56,600.592 मीट्रिक टन कोयले की ढुलाई की थी। BCCL की ढुलाई 7,543.963 मीट्रिक टन रही। WBPDCL ने 5,760.84 मीट्रिक टन कोयला भेजा। NTPC Mining Ltd की ढुलाई 2,826.35 मीट्रिक टन और DVC Tubed Coal Mine की 3,072.47 मीट्रिक टन रही। विभाग ने बताया कि कई वाहनों में 15 टन या उससे अधिक अतिरिक्त खनिज लादे जाने की जानकारी मिली है।

Motor Vehicles Act 1988 के तहत ओवरलोडिंग को दंडनीय अपराध बताया गया है। नियम के तहत 20 हजार रुपये के अतिरिक्त 2 हजार रुपये प्रति टन का दंड लगाया जा सकता है। विभाग के अनुसार तीन दिनों में हुई ओवरलोडिंग पर करीब 15.49 करोड़ रुपये का दंड बनता है। दंड की वसूली नहीं होने पर सालाना करीब 1500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। ओवरलोडिंग से सड़क और पुल जैसी सरकारी संपत्तियों पर भी असर पड़ रहा है। भारी वाहनों के कारण सड़कों की स्थिति खराब हो रही है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। सरकार को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। खान विभाग ने संयुक्त जांच टीम बनाने और धर्मकांटा के आंकड़ों को साझा करने का सुझाव दिया है। साथ ही JIMMS पोर्टल को अपग्रेड कर ओवरलोडिंग की स्वतः पहचान करने की व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है।

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