झारखंड के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत पुलिस आधुनिकीकरण योजना रद्द कर दी गई है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव को जानकारी दी है। योजना की कुल अनुमानित लागत 8.94 करोड़ रुपये थी। यह योजना ASUMP के तहत स्वीकृत की गई थी। योजना में केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त वित्तीय भागीदारी थी।
कुल लागत का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार को देना था। शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को खर्च करनी थी। केंद्र की हिस्सेदारी 536.85 लाख रुपये तय की गई थी। राज्य सरकार की हिस्सेदारी 357.89 लाख रुपये थी। योजना के तहत पुलिस आधुनिकीकरण के लिए विभिन्न सामग्रियों की खरीद और आपूर्ति की जानी थी। राज्य सरकार को यह कार्य 31 मार्च 2026 तक पूरा करना था। निर्धारित तारीख तक खरीद और आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य को अतिरिक्त समय दिया। जुलाई 2026 तक योजना का काम पूरा करने की समय सीमा बढ़ाई गई। अतिरिक्त अवधि में भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसके बाद केंद्र ने राज्य सरकार से देरी का कारण पूछा।
राज्य सरकार ने केंद्र को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत ASUPM योजना को पूरा करना संभव नहीं है। राज्य के इस जवाब के बाद केंद्र सरकार ने योजना रद्द करने का फैसला किया। गृह मंत्रालय ने इस फैसले की जानकारी राज्य के मुख्य सचिव को भेजी है। योजना रद्द होने के साथ इसके लिए स्वीकृत 8.94 करोड़ रुपये की परियोजना भी आगे नहीं बढ़ेगी। केंद्र की ओर से तय वित्तीय हिस्सेदारी का उपयोग योजना के तहत नहीं हो सकेगा। राज्य सरकार की निर्धारित हिस्सेदारी भी इसी परियोजना के लिए थी। मामले में खरीद प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने को प्रमुख कारण के रूप में बताया गया है। केंद्र ने पहले तय समय सीमा के बाद राज्य को अतिरिक्त अवसर दिया था। इसके बावजूद योजना के तहत काम पूरा नहीं किया गया। अब केंद्र के निर्णय के बाद पुलिस आधुनिकीकरण की यह स्वीकृत योजना समाप्त हो गई है। गृह मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार को इसकी औपचारिक जानकारी दे दी गई है। योजना के तहत निर्धारित सामग्री की खरीद और आपूर्ति अब इस स्वीकृति के आधार पर नहीं होगी। यह मामला वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़ा है।



