एचपीवी वैक्सीन पर जागरूकता बढ़ाने की तैयारी में स्वास्थ्य मंत्रालय, फ्रंटलाइन वर्कर्स को मिलेगी ट्रेनिंग.
नई दिल्ली: यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री अब ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) वैक्सीनेशन से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूती देने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार 9 से 14 वर्ष की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए टीकाकरण को प्रोत्साहित कर रही है।
इसके लिए फ्रंटलाइन वर्कर्स की ट्रेनिंग और जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
अंतरिम बजट 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका ऐलान किया था।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कई बैठकों के जरिए योजना को अंतिम रूप दिया है।
जल्द ही देशभर में यह कार्यक्रम लागू किया जा सकता है।
फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीनेशन तकनीक और जानकारी देने की तैयारी की जा रही है।
इसके अलावा IEC यानी सूचना, शिक्षा और संवाद अभियान भी चलाए जाएंगे।
इन अभियानों के जरिए अभिभावकों और बच्चों को HPV वैक्सीन के फायदे बताए जाएंगे।
जून 2022 में NTAGI ने इसे यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल करने की सिफारिश की थी।
वैक्सीन 9 से 14 साल की किशोरियों को दी जाएगी।
अभी भारत में दो कंपनियों की HPV वैक्सीन उपलब्ध हैं।
MSD Pharmaceuticals की Gardasil-4 और Serum Institute की Cervavac प्रमुख वैक्सीन हैं।
ये वैक्सीन चार प्रमुख एचपीवी सबटाइप्स – 6, 11, 16 और 18 – के खिलाफ सुरक्षा देती हैं।
Cervavac को खासतौर पर भारत में ही बनाया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय सभी राज्यों को इस दिशा में मार्गदर्शन देने की तैयारी कर रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर स्कूलों तक यह कार्यक्रम पहुंचेगा।
सरकारी अस्पतालों में यह वैक्सीन मुफ्त दी जा सकती है।
वैक्सीनेशन के साथ सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग पर भी जोर होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कैंसर के मामलों में भारी कमी आ सकती है।
यह कदम देश में किशोरियों की सेहत को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।



