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2022 में एक 2024 में आठ वोट हुए अवैध…चंडीगढ़ मेयर चुनाव में AAP-कांग्रेस गठजोड़ के साथ हुआ क्या?

2024 के लोकसभा चुनावों से पहले चंडीगढ़ मेयर चुनाव में I.N.D.I.A गठबंधन की बीजेपी से टक्कर हुई। इस चुनाव में बीजेपी ने चंडीगढ़ नगर निगम में जीत हासिल करते हुए अपना परचम बरकरार रखा। चंडीगढ़ मेयर की कुर्सी पर बीजेपी पिछले आठ साल से काबिज है। चुनावों में मनोज सोनकर जहां नए मेयर बने तो वहीं सीनियर डिप्टी मेयर की कुर्सी कुलजीत सिंह संधू और डिप्टी मेयर की कुर्सी राजेंद्र शर्मा को मिली। मेयर के चुनावा में चंडीगढ़ की सांसद किरन खेर के साथ 35 पार्षदों ने वोट डाला। संख्या बल में आगे रहे I.N.D.I.A गठबंधन की हार के बाद आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस की तरफ से बीजेपी पर धांधली के आरोप लगाए जा रहे हैं। 2024 के चुनाव में बीजेपी को सांसद किरण खेर के वोट के साथ कुल 16 मत मिले तो वहीं आम आदमी पार्टी को सिर्फ 12 वोट मिले। आठ वोट को अवैध घोषित किया गया।

2022 से नहीं लिया सबक

चंडीगढ़ नगर निगम की कुर्सी पर काबिज होने के लिए आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर अपना संख्या बल बढ़ा लिया, लेकिन अतीत से कोई सबक नहीं लिया। पार्टी ने चुनाव टाले जाने पर हाई कोर्ट गई लेकिन 2022 के चुनावों में हार का कारण बने अवैध वोट के खतरे को I.N.D.I.A गठबंधन ने आत्मविश्वास में नजरंदाज कर दिया। शायद इसी वजह से एक बार कांग्रेस और आप का गठजाेड़ चंडीगढ़ नगर निगम की कुर्सी पर काबिज होने से चूक गया। पिछले साल जनवरी में 29 वोट पड़े थे, इनमें से बीजेपी के अनूप गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (आप) के जसबीर सिंह लाडी को केवल एक वोट से हराकर मेयर का चुनाव जीता था। गुप्ता को 15, जबकि सिंह को 14 वोट मिले थे। तब कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने मतदान में भाग नहीं लिया था।

चंडीगढ़ नगर निगम की स्थिति

  • कुल सीटें: 35
  • बीजेपी: 14 +1 (किरण खेर, सांसद)
  • आप: 13
  • कांग्रेस: 7
  • शिरोमणि अकाली दल: 1
  • नॉमिनेट: 9 (वोट का अधिकार नहीं)
  • बहुमत: 18

वही वजह बनी हार का कारण
2022 में भी विभिन्न कारणों से एक वोट अवैध घोषित होने के बाद बीजेपी उम्मीदवार सिर्फ एक वोट से जीत गया था। दो साल बाद हुए चुनावों में एक बार फिर जीत की वजह अवैध वाेट रहे। इस बार चुनावों में चंडीगढ़ की सांसद किरन खेर के साथ 35 पार्षदों ने हिस्सा लिया, लेकिन आठ वोट इनवैलिड हो गए। मतलब आम आदमी पार्टी ने संख्या बल बढ़ाने के कांग्रेस के सात पार्षद को I.N.D.I.A गठबंधन के तरह साथ लिया था, लेकिन इससे अधिक वोट इनवैलिड होने से आप को फिर हार का सामना करना पड़ा। बीजेपी को कुल 16 वोट मिले। इनमें 14 वोट पार्षदों और 1 वोट शिरोमणि अकाली दल के पार्षद और चंडीगढ़ की बीजेपी सांसद किरण खेर का रहा।

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