‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को भारत के विकसित होने का लक्ष्य मुश्किल लग सकता है, लेकिन यह असंभव नहीं है।
मोदी ने कहा कि अगर ‘विकसित भारत’ का संकल्प हर कदम, नीति और निर्णय का मार्गदर्शन करे, तो कोई भी ताकत भारत को विकसित होने से नहीं रोक सकती। उन्होंने भारत के युवाओं की ताकत और संख्या पर जोर देते हुए कहा, “देश को आगे बढ़ने के लिए बड़े लक्ष्य तय करने होते हैं, और आज का भारत यही कर रहा है।”
प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश कई लक्ष्यों को समय से पहले पूरा कर रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि भारत ने 2030 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य रखा है, लेकिन इसे निर्धारित समय से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा।
मोदी ने कहा कि केवल सरकार ही देश को आगे नहीं ले जा सकती। देश के हर नागरिक, विशेष रूप से युवाओं को ‘विकसित भारत’ का मालिकाना हक लेना होगा। उन्होंने युवाओं से कहा कि उनकी सोच और विचार देश की नीतियों का हिस्सा बनेंगे और भारत को दिशा देंगे।
प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने अमेरिका और सिंगापुर के उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे इन देशों ने बड़े आर्थिक संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी से उबरते हुए विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
मुख्य बिंदु:
- प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
- उन्होंने भारत की युवा शक्ति को देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया।
- एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य 2030 से पहले पूरा करने की बात कही।
- युवाओं को ‘विकसित भारत’ का मालिकाना हक लेने के लिए प्रेरित किया।
- हर नागरिक की भागीदारी और सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।
- अमेरिका और सिंगापुर के उदाहरण देकर बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की आवश्यकता बताई।
- कहा कि बड़े लक्ष्य तय करना और उन्हें हासिल करना संभव है।
- देश के हर क्षेत्र में प्रगति का आह्वान किया।
- नीतियों में युवाओं के विचारों को शामिल करने का वादा किया।
- देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित किया।


