झारखंड हाईकोर्ट में एक छात्र से जुड़ा गंभीर मामला चल रहा है।
मैट्रिक के छात्र को अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप है।
दोपहर एक बजे इस मामले की फिर सुनवाई हुई।
कोर्ट के आदेश पर चतरा एसपी ऑनलाइन पेश हुए।
एसपी ने केस डायरी अदालत में पढ़ी।
डायरी में दो तारीखों की पूछताछ दर्ज मिली।
कोर्ट ने पूछा कि छात्र को क्यों रोका गया।
रात में घर से उठाने पर सवाल उठे।
पूछताछ के बाद छोड़ने में देरी पर नाराजगी दिखी।
मामले को गंभीर बताया गया।
कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख तय की।
13 फरवरी को फिर मामला सुना जाएगा।
इस दिन जांच अधिकारी को डायरी लानी होगी।
कोर्ट ने कहा कि पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
सुनवाई के बाद पुलिस अधिकारियों को राहत मिली।
उनके मोबाइल वापस कर दिए गए।
लेकिन अगली तारीख पर हाजिरी जरूरी होगी।
कोर्ट ने साफ चेतावनी भी दी।
कानून से ऊपर कोई नहीं बताया गया।
न्याय की प्रक्रिया जारी रखी गई।
छात्र की मां ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
उन्होंने बेटे की अवैध हिरासत का आरोप लगाया।
हेबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की गई।
पहले भी कोर्ट ने सख्त सवाल पूछे थे।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगली उठी।
अधिवक्ताओं ने छात्र का पक्ष रखा।
सरकार की ओर से जवाब दिया गया।
कोर्ट अब अंतिम निष्कर्ष चाहता है।
मामले से पुलिस पर दबाव बढ़ा है।
लोग न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।



