झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला की लापता बच्ची मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि आधार कार्ड ट्रेसिंग की मौजूदा प्रक्रिया जटिल है। पुलिस को हर बार कोर्ट आदेश लेना पड़ता है। इससे समय की बर्बादी होती है। कई परिवार अदालत तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में बच्चों की तलाश प्रभावित होती है।
कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से एसओपी बनाने पर विचार करने को कहा। अदालत ने कहा कि पुलिस यूआईडीएआई से सीधे जानकारी नहीं ले सकती। कोर्ट आदेश के बाद ही आधार से जुड़ी सूचना मिलती है। यह प्रक्रिया लापता बच्चों के मामलों में व्यवहारिक नहीं है। सरकार को समाधान निकालना होगा। अगली सुनवाई में सुझाव देने को कहा गया है।
सुनवाई में बताया गया कि बच्ची सितंबर 2018 से लापता है। उसकी तलाश के लिए एसआईटी गठित की गई है। दिल्ली सहित कई जगहों पर जांच की गई। फोटो सार्वजनिक किए गए हैं। अभी तक बच्ची का पता नहीं चला है। खोज अभियान जारी है।


