पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के भादुआ गांव में जंगली हाथियों का आतंक देखा गया। देर रात हाथियों का झुंड गांव के खेतों तक पहुंच गया। जानकारी के अनुसार पांच हाथियों का यह समूह श्मशान घाट के रास्ते खेतों में घुस आया। खेतों में लगी धान की फसल को हाथियों ने रौंद दिया। किसानों की कई महीनों की मेहनत एक ही रात में बर्बाद हो गई। गांव के लोगों को जब हाथियों के आने की खबर मिली तो दहशत फैल गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ ग्रामीण खेतों की ओर दौड़ पड़े। सभी ने मिलकर हाथियों को भगाने की कोशिश की। गांव में तनाव का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए पटाखे फोड़े और मशाल जलाकर हाथियों को दूर भगाया। कई लोग देर रात तक खेतों की निगरानी करते रहे। किसानों का कहना है कि हाथियों का यह झुंड कई दिनों से इलाके में घूम रहा है। इससे फसलों को लगातार नुकसान हो रहा है। लोग रात भर जागकर अपनी फसल की रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों को भी घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है। लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। गांव में सतर्कता बढ़ा दी गई है। ग्रामीण एकजुट होकर स्थिति संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची। अधिकारियों ने पूरे इलाके का निरीक्षण किया। विभाग ने बताया कि हाथियों को फिलहाल जंगल की ओर खदेड़ दिया गया है। लोधासूली जंगल की दिशा में झुंड को भेजा गया है। वन कर्मियों की गश्ती भी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि हाथियों के वापस लौटने की संभावना है। इसलिए ग्रामीणों को सावधान रहने को कहा गया है। हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। किसानों को सहायता देने पर भी विचार किया जा रहा है।



