रांची हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। यह फैसला सेवानिवृत्त शिक्षकों के पक्ष में आया है। पाकुड़ और गोड्डा जिले के शिक्षक इससे जुड़े हैं। कोर्ट ने ग्रेड वन लाभ देने को कहा है। यह लाभ नियुक्ति तिथि से मिलेगा। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई हुई। भीम सिंह और अन्य प्रार्थी थे। उन्होंने रिट याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने मामले को निपटा दिया। वकीलों ने सरकार के संकल्प का हवाला दिया।
संकल्प में कार्यरत शिक्षकों को लाभ दिया गया था। लेकिन सेवानिवृत्त शिक्षकों को बाहर रखा गया था। इस पर कोर्ट में सवाल उठे थे। पहले के मामले में कोर्ट ने कंडिका रद्द की थी। सभी शिक्षकों को समान लाभ देने का आदेश दिया गया था। सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील हुई थी। लेकिन सरकार को राहत नहीं मिली। इसके बावजूद लाभ लागू नहीं हुआ। इस कारण फिर याचिका दाखिल की गई।
प्रार्थियों ने प्रशिक्षण को लेकर तर्क रखा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण देना सरकार की जिम्मेदारी थी। उन्हें समय पर प्रशिक्षण नहीं मिला था। इसके कारण लाभ देर से मिला। उन्होंने खुद से प्रशिक्षण पूरा किया था। कोर्ट ने सभी तथ्यों को देखा। पहले के आदेश को आधार माना गया। 6 सप्ताह में लाभ देने का निर्देश दिया गया। सरकार को स्पष्ट आदेश दिया गया है। इससे शिक्षकों को न्याय मिला है। फैसला अहम माना जा रहा है।



