रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट में सहायक शिक्षक नंदू राम की अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। कोर्ट के आदेश के अनुसार पलामू के जिला शिक्षा अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने अपना जवाब भी दाखिल किया। अदालत ने जवाब का परीक्षण किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जवाब पर असंतोष जताया। न्यायालय ने कहा कि आदेशों का समय पर पालन होना चाहिए। मामले को गंभीरता से लिया गया। अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी गई। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कोर्ट ने जिला शिक्षा अधीक्षक से पूछा कि एकल पीठ के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। अदालत ने कहा कि सरकार की अपील पहले ही खारिज हो चुकी है। ऐसे में आदेश का पूरी तरह पालन होना चाहिए था। न्यायालय ने अधिकारियों से जवाब मांगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने प्रस्तुत जवाब को संतोषजनक नहीं माना। मामले की विस्तृत समीक्षा की गई। आदेशों के पालन को लेकर गंभीर टिप्पणी भी की गई। अदालत ने प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर दिया। सुनवाई के दौरान कई पहलुओं पर चर्चा हुई।
हाईकोर्ट ने पलामू के उपायुक्त को 2 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि शिक्षक की पुनर्बहाली के बाद सभी सेवा लाभ भी मिलने चाहिए थे। पूर्व अवधि का वेतन भी दिए जाने की बात कही गई। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रेम पुजारी ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने आदेश के अनुपालन से जुड़े तथ्यों को रखा। न्यायालय अगली सुनवाई में पूरे मामले की समीक्षा करेगा। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। मामले की सुनवाई अब 2 सितंबर को होगी। कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।



