जमशेदपुर: एलबीएसएम कॉलेज में शनिवार को परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा अचानक करंट की चपेट में आ गई। हादसा परसुडीह थाना क्षेत्र स्थित कॉलेज परिसर में हुआ। घटना के बाद परीक्षा केंद्र के आसपास अफरा-तफरी मच गई। घायल छात्रा की पहचान रायगुनी बोयपाई के रूप में हुई है। वह सुंदरनगर के नानदूप की रहने वाली बताई गई है। रायगुनी मेजर पॉलिटिकल साइंस की परीक्षा देने कॉलेज पहुंची थी। परीक्षा देने से पहले ही वह हादसे का शिकार हो गई। बारिश के कारण कॉलेज परिसर में जगह-जगह पानी जमा था। इसी जलजमाव वाले हिस्से से गुजरते समय छात्रा को बिजली का तेज झटका लगा। झटका लगते ही वह जमीन पर गिर गई। आसपास मौजूद विद्यार्थियों ने उसे संभाला। घटना के बाद छात्रा की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
रायगुनी ने बताया कि शनिवार को बारिश के बाद कॉलेज परिसर में काफी जगह पानी जमा था। परीक्षा केंद्र में जाने के लिए निर्धारित गेट बंद था। इसके कारण उसे दूसरे रास्ते से आगे बढ़ना पड़ा। इसी दौरान उसे पानी से होकर गुजरना पड़ा। पानी में कदम रखते ही अचानक उसे करंट महसूस हुआ। तेज बिजली का झटका लगने के बाद वह गिर पड़ी। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसकी मदद की। घटना की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज परिसर में मौजूद विद्यार्थियों में चिंता फैल गई। छात्रा ने बताया कि उसे कॉलेज परिसर में पहले भी करंट लगने की घटना के बारे में जानकारी थी। इसके बावजूद जिस जगह से वह गुजर रही थी, वहां बिजली प्रवाहित होने की उसे कोई जानकारी नहीं थी। अचानक करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बारिश के बाद खुले परिसर में जलजमाव की स्थिति बनी हुई थी। ऐसे में विद्युत प्रवाह की स्थिति विद्यार्थियों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। खासकर परीक्षा देने पहुंचे छात्रों के लिए सुरक्षित प्रवेश और निकास व्यवस्था जरूरी है। निर्धारित गेट बंद होने के कारण छात्रा को वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ा। अब इस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जलजमाव वाले स्थानों की जांच जरूरी है। बिजली के तारों और कनेक्शन की भी जांच किए जाने की जरूरत है। कॉलेज परिसर में पहले करंट की घटना की जानकारी होने की बात भी छात्रा ने कही है। ऐसे में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है। बारिश के दौरान बिजली और पानी के संपर्क से होने वाले खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। घटना ने कॉलेज प्रशासन के सामने विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती खड़ी कर दी है।

