रांची: रांची जिला बार एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी ने कोर्ट में अधिवक्ताओं की भागीदारी को लेकर नया निर्णय लिया है। 10 अगस्त सोमवार से रांची व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता नियमित न्यायिक कार्य करेंगे। एसोसिएशन ने कहा है कि अधिवक्ता पहले की तरह अदालत की कार्यवाही में शामिल होंगे। इस संबंध में एडहॉक कमेटी की ओर से आवश्यक सूचना जारी की गई है। सूचना में सभी अधिवक्ताओं से नियमित न्यायिक कार्य करने का आग्रह किया गया है। लंबे समय से चल रही स्थिति के बाद अब सामान्य न्यायिक कार्य की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सोमवार से पुराने और नए दोनों बार भवनों के काउंटर भी खोल दिए जाएंगे। दोनों बार भवनों के काउंटर पूर्व की तरह नियमित रूप से संचालित होंगे। इससे बार से संबंधित कामकाज में भी सामान्य स्थिति लौटेगी। हालांकि, एसोसिएशन ने यह भी साफ किया है कि सभी पुराने निर्णय समाप्त नहीं किए गए हैं। केवल न्यायिक कार्य शुरू करने और काउंटर खोलने से जुड़े निर्णय में बदलाव किया गया है। बाकी निर्णयों को पहले की तरह लागू रखा गया है।
SDO और एक्जीक्यूटिव कोर्ट को लेकर बार एसोसिएशन ने अलग स्थिति स्पष्ट की है। इन अदालतों के कार्यों में अनिश्चितकालीन न्यायिक कार्य बहिष्कार का निर्णय जारी रहेगा। यह बहिष्कार अगले निर्णय तक प्रभावी रहेगा। इसलिए सामान्य व्यवहार न्यायालय में काम शुरू होने के बावजूद SDO कोर्ट से जुड़े कार्यों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। अधिवक्ताओं को इस अंतर को ध्यान में रखकर काम करने को कहा गया है। एसोसिएशन ने अपने पूर्व निर्णयों को लेकर कोई भ्रम नहीं रहने देने की कोशिश की है। पुराने और नए बार भवनों के काउंटर सोमवार से सामान्य रूप से खुलेंगे। काउंटर संचालन को न्यायिक कार्य शुरू करने के फैसले के साथ बहाल किया गया है। वहीं, आमसभा और एसोसिएशन द्वारा पूर्व में लिए गए अन्य निर्णयों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे सभी निर्णय यथावत रहेंगे। एडहॉक कमेटी ने अधिवक्ताओं से सभी लागू निर्णयों का पालन करने का आग्रह किया है। इससे कोर्ट परिसर में कामकाज के दौरान संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं के बीच एकता बनाए रखने की अपील की है। कमेटी ने कहा है कि सभी अधिवक्ता संगठन के पूर्व निर्णयों का पूर्ण अनुपालन करें। साथ ही अनुशासन के साथ न्यायिक कार्य करने का आग्रह किया गया है। सोमवार से रांची व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ताओं की नियमित गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। कोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई में अधिवक्ताओं की भागीदारी भी सामान्य होगी। दोनों बार भवनों के काउंटर खुलने से संबंधित सेवाएं भी नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगी। दूसरी ओर SDO और एक्जीक्यूटिव कोर्ट में बहिष्कार का निर्णय अभी जारी रहेगा। इस निर्णय में बदलाव के लिए आगे बार एसोसिएशन की ओर से नया फैसला लिया जाएगा। एडहॉक कमेटी ने अधिवक्ताओं से संगठन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा है। कमेटी सदस्य संजय विद्रोही ने इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने अधिवक्ताओं से एकजुटता और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। बार एसोसिएशन के इस निर्णय से सोमवार से व्यवहार न्यायालय में न्यायिक कामकाज सामान्य होने की स्थिति बनेगी।

