झारखंड हाईकोर्ट में असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा मामला पहुंच गया है। गुरुवार को मामले की अदालत में सुनवाई हुई। याचिका में सरकार द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया पर लगाई गई रोक को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने सरकारी आदेश को निरस्त करने की मांग की है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। अदालत ने फिलहाल सरकारी आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार और जेपीएससी से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने पक्ष रखा। अधिवक्ता अनुराग कश्यप ने भी याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील पेश की।
मामले में आलोक रंजन, आदित्य भास्कर, आनंद सिंह और अनिरुद्ध ओझा याचिकाकर्ता हैं। याचिका असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियमित परीक्षा से संबंधित है। नियमित परीक्षा विज्ञापन संख्या 6/2025 के तहत है। इसके अलावा बैकलॉग परीक्षा भी याचिका में शामिल है। बैकलॉग परीक्षा का विज्ञापन संख्या 5/2025 है। दोनों परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से इस रोक को हटाने का आग्रह किया है। हालांकि अदालत ने सुनवाई के दौरान तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अब सरकार और जेपीएससी के जवाब के बाद मामले पर आगे विचार होगा। अगली सुनवाई में अदालत इस मामले की स्थिति पर आगे सुनवाई करेगी।
बताया गया है कि CID जांच के बाद राज्य सरकार ने नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर कई निर्णय लिए हैं। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की गई थी। वर्ष 2014 से हुई नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितता की भी जांच की जानी है। इसी उद्देश्य से कार्मिक प्रशासनिक विभाग ने अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना में कुल 22 परीक्षाओं को रद्द करने का उल्लेख है। छह परीक्षाओं की प्रक्रिया को स्थगित किया गया है। वहीं 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया है। APP परीक्षा की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक भी इसी सरकारी कार्रवाई के तहत आई है। अब हाईकोर्ट के अगले आदेश से इस नियुक्ति प्रक्रिया की आगे की दिशा तय होगी।


