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JPSC परीक्षा मामले में CID को मिले नए सुराग.

TDPL कनेक्शन और वित्तीय लेनदेन की हो रही जांच.

रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच आगे बढ़ रही है। CID ने JPSC और JSSC से संबंधित मामलों में अपनी जांच तेज की है। जांच के दौरान अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी की भूमिका सामने आई है। एजेंसी उसके कथित संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। जांच में उसे परीक्षा से जुड़े कथित नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। TDPL के JPSC से जुड़े होने की प्रक्रिया भी जांच का हिस्सा है। इसी क्रम में अभय तिवारी की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोप है कि TDPL को नॉमिनेशन के माध्यम से काम दिलाने में उसने मदद की। इस प्रक्रिया में उसके बिचौलिये की भूमिका होने का आरोप लगाया गया है। CID इस आरोप की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य देख रही है।

बुधेश्वर भगत के कथित बयान से भी जांच को नई दिशा मिलने की बात कही जा रही है। उसके अनुसार, 14वीं JPSC परीक्षा में 24 अभ्यर्थियों की कथित सेटिंग हुई थी। इन अभ्यर्थियों की जानकारी कथित रूप से अभय तिवारी तक पहुंचाई गई थी। जांच में 11 अभ्यर्थियों से कथित तौर पर रकम लिए जाने का उल्लेख है। प्रत्येक अभ्यर्थी से 10 लाख रुपये लेने का आरोप है। इन अभ्यर्थियों के PT परीक्षा में सफल होने की बात भी जांच में सामने आई है। CID अब इन दावों से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। एजेंसी ने TDPL के निदेशकों के रांची दौरे से जुड़े भुगतान पर भी ध्यान दिया है। जांच के अनुसार, रेडिसन ब्लू होटल का खर्च अभय तिवारी के निजी खाते से UPI द्वारा चुकाया गया था। इस भुगतान की प्रकृति और उससे जुड़े संबंधों को लेकर जांच जारी है।

CID यह भी देख रही है कि उक्त भुगतान का TDPL से कोई संबंध था या नहीं। जांच में सौरभ कुमार पांडेय के नाम से लिए गए अपार्टमेंट की जानकारी भी मिली है। सौरभ कुमार पांडेय को अभय तिवारी का रिश्तेदार बताया गया है। यह अपार्टमेंट लालपुर इलाके में किराए पर लिया गया था। छापेमारी के दौरान इसी स्थान से TDPL का आई कार्ड बरामद होने की बात कही गई है। आई कार्ड अभय तिवारी के नाम का बताया गया है। इस बरामदगी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CID अब कथित परीक्षा नेटवर्क की पूरी तस्वीर समझने की कोशिश कर रही है। एजेंसी अभ्यर्थियों से जुड़े कथित पैसों के लेनदेन की भी जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और कार्रवाई सामने आने की संभावना है।

 

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