त्योहारी मौसम से पहले झारखंड में रेल यात्रियों की सुविधा का मुद्दा उठाया गया है। झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन ने रांची रेल मंडल के डीआरएम को मांग पत्र दिया है। यह मांग पत्र गुरुवार को सौंपा गया। इसमें आगामी त्योहारों के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन की मांग की गई है। दुर्गा पूजा के समय यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। दिवाली और छठ के दौरान भी रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ जुटती है। रांची और हटिया स्टेशन इस दबाव से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। राज्य के लगभग ग्यारह जिलों के यात्री इन दोनों स्टेशनों पर निर्भर हैं। खूंटी, रामगढ़ और गुमला के यात्रियों के लिए भी ये प्रमुख स्टेशन हैं। एसोसिएशन ने कहा है कि मौजूदा रेल सेवाएं त्योहारों के समय पर्याप्त नहीं रहती हैं।
इसी वजह से एसोसिएशन ने विशेष ट्रेनों का प्रस्ताव रेलवे के सामने रखा है। प्रस्ताव के अनुसार 10 अक्टूबर से 10 दिसंबर 2026 तक अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएं। बेंगलुरु के लिए विशेष ट्रेन चलाने की मांग की गई है। मुंबई और पुणे जैसे बड़े औद्योगिक शहरों के लिए भी सेवा बढ़ाने का आग्रह किया गया है। अजमेर के लिए भी अतिरिक्त रेल सेवा की मांग रखी गई है। देहरादून के लिए ट्रेन चलाने का सुझाव दिया गया है। वास्को डी गामा और त्रिवेंद्रम के लिए भी विशेष ट्रेन की मांग की गई है। साबरमती से जुड़ी नई ट्रेन चलाने की मांग पत्र में रखी गई है। डॉ. अंबेडकर नगर के लिए भी अतिरिक्त सेवा शुरू करने की अपील की गई है। एसोसिएशन ने व्यस्त मार्गों पर नई ट्रेनों के संचालन की जरूरत बताई है।
सिर्फ नई ट्रेन चलाने के बजाय मौजूदा सेवाओं में क्षमता बढ़ाने की मांग भी की गई है। इसके लिए कुछ ट्रेनों में अतिरिक्त बोगियां लगाने का सुझाव दिया गया है। रांची-बनारस एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने की विशेष मांग है। रांची-सासाराम एक्सप्रेस में भी अतिरिक्त कोच लगाने की बात कही गई है। एसोसिएशन का मानना है कि इससे यात्रियों को अधिक सीटें उपलब्ध हो सकेंगी। त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जल्द निर्णय की जरूरत बताई गई है। एसोसिएशन के सचिव नैयर इमाम ने जनहित में त्वरित फैसला लेने की अपील की है। उप-सचिव रितिक राज ने भी रेलवे से जल्द कार्रवाई का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए समय रहते व्यवस्था करने की मांग की है। अब रेलवे की ओर से विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त कोच को लेकर फैसला लिया जाना है।



