झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 को लेकर पुलिस विभाग ने सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक नवंबर को राज्य में यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण बनाने के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। स्पेशल ब्रांच, रांची ने इस संबंध में जिलों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। करीब एक दशक के अंतराल के बाद हो रही परीक्षा को लेकर प्रशासन किसी तरह की लापरवाही नहीं चाहता। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की जांच को प्रभावी बनाने के लिए हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन उपकरणों से प्रतिबंधित वस्तुओं की पहचान करने में मदद मिलेगी। पुलिस का प्रयास है कि कोई भी अभ्यर्थी ऐसी वस्तु लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश न करे।
सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जिलों से मेटल डिटेक्टर की मांग की गई थी। इसके बाद स्पेशल ब्रांच ने आवंटन की प्रक्रिया पूरी की है। संबंधित जिलों को अपने वाहन भेजकर उपकरण लेने को कहा गया है। इसके लिए रांची के धुर्वा स्थित एचएचएमडी संरक्षण केंद्र निर्धारित किया गया है। जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे वहां से आवंटित उपकरण प्राप्त करें। परीक्षा पूरी होने के तुरंत बाद सभी उपकरण सुरक्षित वापस जमा कराने होंगे। इस व्यवस्था के तहत पांच जिलों को कुल 112 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर दिए गए हैं।
आवंटन में रांची को सबसे अधिक 50 मेटल डिटेक्टर मिले हैं। धनबाद जिले के लिए 25 उपकरण निर्धारित किए गए हैं। चाईबासा को 13 मेटल डिटेक्टर आवंटित किए गए हैं। पाकुड़ को 12 उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। जामताड़ा जिले को भी 12 मेटल डिटेक्टर दिए गए हैं। इन उपकरणों का उपयोग परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के समय जांच के लिए किया जाएगा। पुलिस अभ्यर्थियों की सघन तलाशी लेकर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करेगी। स्पेशल ब्रांच की तैयारी का उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को कम करना है। प्रशासन शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहा है।



