पश्चिमी सिंहभूम जिले में त्योहारों के मद्देनजर अवैध शराब के खिलाफ उत्पाद विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। जिले के विभिन्न इलाकों में विभाग की टीम छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी का मुख्य उद्देश्य अवैध चुलाई शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाना है। जेटिया थाना क्षेत्र के कोटगढ़ में विभाग की टीम ने जांच अभियान चलाया। नोवामुंडी थाना क्षेत्र के नोवामुंडी बाजार में भी छापेमारी की गई। चक्रधरपुर के गुदड़ीबारी और आसंतलिया में भी कार्रवाई हुई। सोनुवा थाना क्षेत्र के रामचन्द्रपोस में भी अवैध शराब के ठिकानों पर दबिश दी गई। इन जगहों से कुल 42 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई। इसके अलावा पाकुवाबेड़ा में चल रही महुआ शराब की भट्ठी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, एक अन्य आरोपी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों और फरार व्यक्ति के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। विभाग ने छापेमारी के दौरान करीब 82 लीटर अवैध चुलाई शराब भी बरामद की। इसके साथ ही 7.800 लीटर बीयर जब्त की गई। अवैध शराब बनाने के लिए तैयार की गई फर्मेंटेड जावा-महुआ की बड़ी मात्रा भी मिली। इसकी कुल मात्रा लगभग 1200 किलोग्राम बताई गई है। उत्पाद विभाग ने इस सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने अवैध शराब निर्माण से जुड़े ठिकानों पर सख्ती दिखाई।
अवैध शराब के खिलाफ अभियान के साथ विभाग ने चक्रधरपुर की कंपोजिट शराब दुकान का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान दुकान के संचालकों और विक्रेताओं को जरूरी निर्देश दिए गए। उन्हें शराब की बिक्री निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य पर ही करने को कहा गया। अधिकारियों ने दुकान को तय नियमों के अनुसार चलाने की हिदायत दी। अनुज्ञप्ति में दर्ज सभी शर्तों का पालन करने पर भी जोर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित कीमत से अधिक वसूली या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्योहारों के दौरान अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है। जिले में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।



