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रामगढ़ में अपराधियों पर पुलिस का डिजिटल शिकंजा.

1971 अपराधियों की सूची तैयार, निगरानी अभियान तेज.

Ramgarh News: रामगढ़ पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए तकनीक आधारित निगरानी अभियान शुरू किया है। इसके तहत अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने इस अभियान की समीक्षा की। बैठक में 36 सदस्यीय अपराध रोकथाम एवं उद्भेदन शाखा के कार्यों का आकलन किया गया। डिजिटल अपराधी निगरानी पोर्टल की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 581 अपराधियों का सत्यापन किया जा चुका है। सभी का डिजिटल प्रोफाइल पोर्टल पर दर्ज किया गया है।

पुलिस ने 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक के विभिन्न मामलों में आरोप-पत्रित अपराधियों का आंकड़ा तैयार किया है। इस अवधि में कुल 1971 अपराधियों की पहचान की गई है। इनमें 1374 अपराधी रामगढ़ जिले के हैं। झारखंड के अन्य जिलों के 458 अपराधी सूची में शामिल हैं। दूसरे राज्यों के 139 अपराधियों को भी इसमें रखा गया है। पिछले तीन महीनों के दौरान नौ प्रमुख अपराध श्रेणियों में 731 अपराधियों को चिह्नित किया गया। इनमें शस्त्र अधिनियम, रंगदारी, एनडीपीएस एक्ट, डकैती और लूट के आरोपित शामिल हैं। छिनतई, चोरी, वाहन चोरी और गृहभेदन से जुड़े अपराधियों की भी पहचान की गई है। चोरी के 265 आरोपित इस सूची में सबसे अधिक हैं। शस्त्र अधिनियम के 156 और वाहन चोरी के 83 अपराधियों को भी चिह्नित किया गया है।

सत्यापन के बाद पुलिस ने 258 अपराधियों के खिलाफ विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की है। इनमें 35 अपराधियों के खिलाफ सीसीए के तहत प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। चार को जिला बदर करने का प्रस्ताव है। 27 अपराधियों को थाने में नियमित हाजिरी लगाने के दायरे में लाने की योजना है। चार अन्य के खिलाफ निरुद्धादेश से संबंधित प्रस्ताव बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 163 अपराधियों के खिलाफ निगरानी प्रस्ताव तैयार किया गया है। 56 लोगों के नाम गुंडा पंजी में दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 129 के तहत 105 अपराधियों पर कार्रवाई हुई है।

बैठक में एसपी ने अधिकारियों को सक्रिय अपराधियों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। बार-बार आपराधिक घटनाओं में शामिल होने वालों का नियमित भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। जमानत पर जेल से बाहर आए अपराधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित थाना और वर्तमान निवास क्षेत्र के थाना से दोहरा सत्यापन कराने को कहा। डिजिटल पोर्टल का उपयोग संदिग्धों की पहचान और अपराध विश्लेषण में करने का निर्देश दिया गया। एसपी ने हत्या और उत्पाद अधिनियम से जुड़े आरोप-पत्रित अपराधियों का प्रोफाइल एक महीने में तैयार करने को कहा है। इसके साथ ही पहले से चिह्नित नौ श्रेणियों के बाकी अपराधियों का सत्यापन पूरा किया जाएगा। पुराने सत्यापन की भी दोबारा जांच होगी। पुलिस का मानना है कि इस व्यवस्था से अपराधियों की गतिविधियों पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी। थाना स्तर पर समन्वय बढ़ने से लंबित मामलों के खुलासे में भी तेजी आने की उम्मीद है।

 

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