रांची। झारखंड ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की। यह शिष्टाचार भेंट पांच नवंबर को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई। प्रतिनिधिमंडल में बैंक के अध्यक्ष मदन मोहन बरियार शामिल थे। उनके साथ महाप्रबंधक सिंकू कुमार परिरा भी पहुंचे थे। सहायक महाप्रबंधक संजय कुमार ने भी इस मुलाकात में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने बैंक के अधिकारियों का स्वागत किया। इसके बाद राज्य के विकास से जुड़े कई विषयों पर बातचीत हुई। बैंकिंग सेवाओं के विस्तार को लेकर भी विचार साझा किए गए। आम नागरिकों तक वित्तीय सुविधाएं पहुंचाने के उपायों पर चर्चा हुई। मुलाकात का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विकासात्मक विषयों पर सकारात्मक संवाद करना रहा।
चर्चा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता का मुद्दा सामने आया। मुख्यमंत्री ने झारखंड ग्रामीण बैंक के कामकाज की सराहना की। उन्होंने बैंक की सेवाओं को आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य सरकार विकास के लिए एक विशेष विजन के साथ काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य राज्य के सभी क्षेत्रों में विकास की गति तेज करना है। आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना भी इस प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसमें बैंकिंग संस्थानों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। बैंक सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक वित्तीय सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। पात्र लोगों को सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए योजनाओं के क्रियान्वयन पर लगातार ध्यान देना जरूरी है। बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ने से लाभार्थियों को सुविधा मिल सकती है। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में वित्तीय सेवाओं का विस्तार आम लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा। मुख्यमंत्री ने बैंक अधिकारियों के साथ इन पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने राज्य की आर्थिक मजबूती के लिए सभी संबंधित संस्थानों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। मुलाकात के दौरान विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। इस बैठक में बैंकिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।



