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चंद्रयान पर आज फिर गुड न्यूज

मिशन चंद्रयान-3 ने आज चांद के सतह पर उतरने से पहले एक बड़ी कामयाबी हासिल कर ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बताया कि आज शाम 4 बजे लैंडर मॉड्यूल की स्पीड को और धीमा किया गया है। यानी उसे डिबूस्ट किया गया है। गौरतलब है कि चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल (Propulsion Module) से अलग होने के बाद लैंडर (Vikram Lander) खुद ही आगे की दूरी तय कर रहा है। शुक्रवार (18 अगस्त) को लैंडर मॉड्यूल डीबूस्टिंग (धीमा करने की प्रक्रिया) से गुजरते हुए चंद्रमा की थोड़ी निचली कक्षा में उतर गया।

इसरो ने ट्वीट कर बताया कि लैंडर मॉड्यूल (एलएम) अच्छी स्थिति में है। इसने सफलतापूर्वक डीबूस्टिंग ऑपरेशन किया जिससे इसकी कक्षा 113 किमी x 157 किमी तक कम हो गई। दूसरा डीबूस्टिंग ऑपरेशन 20 अगस्त 2023 के लिए निर्धारित है।

पहली डीबूस्टिंग प्रक्रिया पूरी

इसरो ने बताया था कि आज शाम 4 बजे लैंडर को डिबूस्ट किया जाएगा। ये डीबूस्टिंग की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। इसरो ने बताया कि लैंडर मॉड्यूल का डीबूस्टिंग सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इसके साथ ही लैंडर चांद की कक्षा में 113 किलोमीटर X 157 किलोमीटर तक पहुंच गया है। डीबूस्टिंग का मतलब होता है कि लैंडर विक्रम की स्पीड को कम किया जाएगा। डिबूस्ट करने का मकसद विक्रम को पेरिल्यून (चंद्रमा से कक्षा का निकटतम बिंदु) 30 किलोमीटर और अपोल्यून (चंद्रमा से सबसे दूर का बिंदु) 100 किमी की दूरी पर लाना है। इसके बाद सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास किया जाएगा।

इसरो ने बताया अगली डीबूस्टिंग कब

इसरो ने बताया कि दूसरा डीबूस्टिंग ऑपरेशन अब 20 अगस्त 2023 को किया जाएगा। दो लगभग दोपहर 2 बजे होगा। गौरतलब है कि प्रॉपल्शन मॉड्यूल से अलग होने के बाद लैंडर विक्रम अब आगे की दूरी अकेले ही तय कर रहा है। 23 अगस्त को शाम पौने 6 बजे के करीब लैंडर चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।

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