इस मामले में अधिकारी के पिता दिलीप खेडकर ने अपनी बेटी का बचाव करते हुए कहा है कि उन पर बिना किसी गलती के उत्पीड़न किया जा रहा है.
खेडकर ने कहा कि उनकी बेटी ने पुणे में सहायक कलेक्टर के रूप में शामिल होने से पहले एक अलग कार्यालय, कार और एक घर की मांग की थी, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ था. हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बैठने की जगह मांगना कोई गलती नहीं है.
दिलीप खेडकर ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को निशाना बनाया जा रहा है और उसे बिना किसी वजह के परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी एक ईमानदार अधिकारी हैं और उन्हें नौकरी में अच्छा प्रदर्शन करने का मौका दिया जाना चाहिए.
इस मामले ने काफी विवाद पैदा किया है और सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है. लोग इस मामले में अलग-अलग राय दे रहे हैं. प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है.
