RO-फिल्टर से पहले 6 चीजों में रखते थे पीने का पानी, पेट में पहुंचते ही बन जाता है दवा
तकनीक आने के बाद पीने का पानी आरओ या फिल्टर में स्टोर किया जाता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि ये तकनीक पानी से गंदगी और कीटाणु निकालकर शुद्ध बनाती है। लेकिन इस दौरान शरीर के लिए फायदेमंद कुछ तत्व भी निकल जाते हैं।
प्राचीन काल में पानी रखने के लिए अलग-अलग धातुओं का इस्तेमाल किया जाता था। इन चीजों के पानी को ‘अमृत’ के समान समझा जाता था, क्योंकि यह शरीर को निरोग बनाने में मदद करता था। पुराने समय के लोग इन्हीं चीजों का पानी पीकर हमसे ज्यादा तंदरुस्त और ऊर्जावान रहते थे।
आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. वारालक्ष्मी ने बताया कि आयुर्वेद में पीने का पानी रखने वाले बढ़िया बर्तन के बारे में बताया गया है। अलग-अलग धातुओं में रखे पानी की खासियत भी बदल जाती थी। आइए जानते हैं कि पीने का पानी किस बर्तन में रखना चाहिए और उसके फायदे क्या हैं?सोने के बर्तन में रखा पानी तासीर में ठंडा होता है और इसका स्वाद मीठा होता है। यह आपकी इम्युनिटी, ताकत, दिमाग और फर्टिलिटी को बढ़ाने वाला होता है। राजा-महाराजा सोने के बर्तन में ही पानी पीते थे।



