रांची के अशोकनगर स्थित सर्विसेज हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आईपीएस अधिकारी आलोक प्रियदर्शी ने पहल की है। उन्होंने सोसाइटी के अध्यक्ष और सचिव को इस संबंध में पत्र भेजा है। पत्र में मकान नंबर 44/C और 34/C के बीच चहारदीवारी निर्माण की मांग की गई है। अधिकारी ने दोनों मकानों के बीच मौजूद रास्ते को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बताया है। उनके मुताबिक, इस स्थान पर फिलहाल चहारदीवारी नहीं बनी है। वहां एक गेट मौजूद है, जिसे सोसाइटी ने नहीं बनाया है। इस गेट के जरिए बाहरी लोगों का आवागमन होने की बात पत्र में कही गई है। अनधिकृत लोगों की आवाजाही से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है। पत्र में सोसाइटी के कुछ मकानों में पहले चोरी होने की घटनाओं का भी जिक्र किया गया है। ऐसे माहौल में खुले रास्ते का इस्तेमाल असामाजिक तत्व कर सकते हैं। अधिकारी ने किसी अप्रिय घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया है। उन्होंने इस हिस्से को सुरक्षित करने के लिए चहारदीवारी को जरूरी बताया है। आलोक प्रियदर्शी ने पत्र में अपनी आवासीय स्थिति का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि वह मकान नंबर 44/C में परिवार के साथ रहते हैं। उनके साथ प्रतिनियुक्त अंगरक्षक और पुलिसकर्मी भी परिसर में रहते हैं। सुरक्षाकर्मी सरकारी हथियार और गोलियों के साथ वहां तैनात रहते हैं।
अधिकारी के अनुसार, बाहरी लोगों की आवाजाही के कारण सुरक्षाकर्मियों को असुरक्षित महसूस होता है। उनका कहना है कि आवासीय परिसर में अनधिकृत प्रवेश सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। इसी कारण उन्होंने सोसाइटी प्रबंधन से स्थायी समाधान की मांग की है। उन्होंने दोनों मकानों के बीच चहारदीवारी बनाने का अनुरोध किया है। इस निर्माण को सुरक्षा के लिहाज से प्राथमिकता देने की बात कही गई है। चहारदीवारी बनने से खुले रास्ते से होने वाली आवाजाही को नियंत्रित किया जा सकता है। इससे आवासीय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। अधिकारी ने सोसाइटी के जिम्मेदार पदाधिकारियों से आवश्यक कदम उठाने को कहा है। पत्र में सुरक्षा संबंधी चिंता को ध्यान में रखते हुए जल्द कार्रवाई का आग्रह किया गया है।
मकान नंबर 44/C और 34/C के बीच मौजूद रास्ता इस पत्र का मुख्य विषय है। अधिकारी के मुताबिक, रास्ते पर बने गेट का निर्माण सोसाइटी ने नहीं कराया है। इसी रास्ते से बाहरी लोगों के आने-जाने की बात सामने आई है। सोसाइटी के पुराने चोरी के मामलों का हवाला देकर सुरक्षा पर ध्यान देने की मांग की गई है। अधिकारी ने चहारदीवारी को इस समस्या के समाधान के तौर पर प्रस्तावित किया है। अब सोसाइटी प्रबंधन को इस संबंध में आवश्यक निर्णय लेना है।



