अनाड़ी-लौंडा कहने वाले Atique Ahmed के लिए अब अखिलेश Yogi सरकार से क्यों भिड़ रहे? जानिए 2017 का वो किस्सा
माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार देर रात पुलिस हिरासत में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस तीनों हत्यारों को अरेस्ट कर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। कानपुर में अतीक अहमद का अखिलेश यादव पर दिया गया बयान लोगों के जहन में आज भी ताजा हैं। अतीक अहमद जनवरी 2017 में मीडिया से बात करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लेकर विवादित बयान दिया था। अतीक ने कहा था कि अखिलेश यादव अभी अनाड़ी हैं। यूपी की भाषा में कहा जाए तो लौंडे हैं। आज वही अखिलेश यादव माफिया डॉन अतीक अहमद को लेकर सरकार को घेर रहने की कोशिश में जुटे हैं।अतीक अहमद विधानसभा चुनाव 2017 में कानपुर की कैंट विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहता था। नेताजी मुलायम सिंह यादव और शिवपाल अतीक को कैंट सीट से चुनाव लड़ाना चाहते थे। बल्कि नेताजी ने अतीक को तैयारी करने का आशीर्वाद भी दे दिया था। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश ने इसका विरोध किया था। अखिलेश नहीं चाहते थे कि अतीक अहमद को टिकट दिया जाए। अतीक को लेकर चाचा-भतीजे के बीच विवाद हो गया था। दोनों के बीच खाईं इतनी गहरी हो गईं थीं कि शिवपाल ने सपा से किनारा कर लिया था।
अखिलेश यादव अभी अनाड़ी हैं
अतीक अहमद 03 जनवरी 2017 को कानपुर आया था। मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा था कि अखिलेश यादव कामयाब मुख्यमंत्री हैं। लेकिन अभी वो बहुत इम्तिहान से नहीं गुजरे हैं। नेताजी ने बहुत इंम्तिहान दिए हैं। अखिलेश यादव को लगता है, बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। कुछ लोग नेताजी के पास पहुंच जाते हैं, और कहते हैं कि अरे साहब अखिलेश यादव अभी बच्चे हैं और अनाड़ी हैं। उत्तर प्रदेश की भाषा में बोला जाता है कि लौंडे हैं। अतीक ने कहा था कि हमारे नेता मुलायम सिंह है। हमारी चाहत मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव हैं।
निर्दलीय चुनाव लड़ने के लगे थे पोस्टर
अतीक ने कहा था कि मैं पार्टी बनाने की स्थिति में था, लेकिन पार्टी नहीं बनाई। हम लोग समाजवादी लोग हैं, मुलायम सिंह हमारे सबसे करीबी है। हम पार्टी बनाकर वोट का बटवारा नहीं चाहते है। यदि कैंट विधानसभा से टिकट कटी, तो मैं अपनी पार्टी बना लूंगा। अतीक ने कहा था कि कैंट विधानसभा क्षेत्र में पोस्टर लग रहे है कि आप निर्दलीय आओ हम आपको जिताएंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सहमती है। वर्ना वह अपनी लिस्ट में कैंट विधानसभा से नाम डिक्लियर कर देते।




