रांची : JPSC और JSSC को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का असर अब राजधानी के निजी स्कूलों पर भी पड़ने लगा है। 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची के कई निजी स्कूलों ने सोमवार को स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को इसकी जानकारी दे दी है। बताया गया है कि विधानसभा घेराव के कारण शहर की सामान्य यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। आंदोलन के दौरान कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना है। कुछ मार्गों पर जाम की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन की ओर से जरूरत के अनुसार कई रास्तों पर रूट डायवर्जन किया जा सकता है। इसका सीधा असर स्कूल बसों और निजी वाहनों की आवाजाही पर पड़ सकता है। ऐसे में बच्चों को स्कूल लाने और घर पहुंचाने में परेशानी होने की आशंका है। इसी को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
कई स्कूलों ने अभिभावकों को पहले ही छुट्टी की सूचना दे दी है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। विधानसभा घेराव के दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहेगी। प्रमुख इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। यातायात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की जा सकती है। कुछ सड़कों पर वाहनों को दूसरे मार्गों से भेजे जाने की संभावना है। इससे स्कूल बसों के निर्धारित रूट में भी बदलाव हो सकता है। सुबह और दोपहर के समय यातायात प्रभावित होने की आशंका अधिक है। बच्चों को किसी तरह की असुविधा से बचाने के लिए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अभिभावकों को भी प्रशासन और स्कूल प्रबंधन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितता और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया है। विधानसभा घेराव के कारण राजधानी में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जा सकता है। यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई स्तरों पर तैयारी की जा रही है। प्रशासन जरूरत के अनुसार वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक भी लगा सकता है। इस स्थिति में निजी स्कूलों का बंद रखने का फैसला एहतियाती कदम माना जा रहा है। स्कूलों की प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब सोमवार को शहर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर सभी की नजर रहेगी।



