झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच के बीच CID ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों गिरफ्तारियां JSSC-CGL और JPSC से संबंधित अलग-अलग मामलों में हुई हैं। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। JSSC-CGL मामले में पश्चिम बर्द्धमान निवासी दिलीप कुमार पासवान की गिरफ्तारी हुई है। उसकी उम्र करीब 41 वर्ष बताई गई है। मामला CID थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत दर्ज है। CID की जांच में दिलीप पर अभ्यर्थियों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप सामने आया है। एजेंसी ने उसे गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच फिलहाल आगे बढ़ रही है।
इसी तरह JPSC प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े मामले में भी CID ने कार्रवाई की है। एजेंसी ने रांची निवासी संजीत कुमार को गिरफ्तार किया है। संजीत की उम्र करीब 38 वर्ष बताई गई है। वह सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के रांची रोड इलाके में रहता है। यह मामला CID थाना कांड संख्या 16/2026 से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान संजीत की गतिविधियों को लेकर कई जानकारियां सामने आई हैं। CID के मुताबिक, वह एक कोचिंग संस्थान का संचालक है। जांच एजेंसी ने उसके एजेंट के रूप में काम करने की बात भी सामने आने की जानकारी दी है। गिरफ्तारी के बाद संजीत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। CID अब उसकी भूमिका से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाल रही है।
दोनों मामलों में जांच एजेंसी कथित परीक्षा गड़बड़ी के पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगा रही है। CID यह समझने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में किस स्तर पर अनियमितता हुई। साथ ही अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। JSSC-CGL मामले में आरोपी की कथित भूमिका को लेकर पूछताछ और जांच की जा रही है। JPSC मामले में कोचिंग संस्थान और एजेंट की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एजेंसी संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है। CID दोनों प्रकरणों में जुड़े लोगों के संपर्क और गतिविधियों की भी जांच कर रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिहाज से इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। दोनों आरोपियों के न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद भी जांच जारी है।



