पुणे से झारखंड और हावड़ा की ओर आने वाली प्रीमियम ट्रेनों की देरी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। ज्यादा किराया लेने वाली ट्रेनों की समयबद्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुणे–हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस 12221 में कई सीटें खाली होने की जानकारी सामने आई है। इसमें 3ए की 443 सीटें खाली बताई गई हैं। 2ए में 100 और 1ए में 3 सीटें भी उपलब्ध बताई गई हैं। इन सीटों के किराये को आधार मानकर 23.52 लाख रुपये के संभावित राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया है। दुरंतो के 3ए का किराया 4030 रुपये बताया गया है। 2ए के लिए 5465 रुपये और 1ए के लिए 6795 रुपये किराया बताया गया है। पिछले सात दिनों में इस ट्रेन की औसत देरी 4 घंटे 57 मिनट रही है। इससे यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
पुणे–संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस 20821 की स्थिति भी यात्रियों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है। इस ट्रेन में 3ए की 263 सीटें उपलब्ध बताई गई हैं। उपलब्ध सीटों के आधार पर करीब 6.50 लाख रुपये के संभावित राजस्व नुकसान का अनुमान निकाला गया है। हमसफर एक्सप्रेस की पिछले सात दिनों की औसत देरी 26 घंटे 58 मिनट बताई गई है। सोमवार को ट्रेन को 8 घंटे 5 मिनट री-शेड्यूल भी किया गया। दोनों ट्रेनों को मिलाकर खाली सीटों के आधार पर करीब 30 लाख रुपये के संभावित नुकसान का अनुमान है। यह आंकड़ा रेलवे का आधिकारिक राजस्व नुकसान नहीं है। अनुमान सीटों की उपलब्धता और किराये के आधार पर तैयार किया गया है। ट्रेनों की लंबी देरी से यात्रियों की परेशानी के साथ सेवा की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है। प्रीमियम किराया देने वाले यात्रियों से समयबद्ध और बेहतर सेवा की उम्मीद स्वाभाविक है।
पुणे और मुंबई से हावड़ा आने वाली ट्रेनों में देरी की समस्या लगातार सामने आती रही है। बिलासपुर–झारसुगुड़ा–टाटानगर–खड़गपुर सेक्शन को लेकर भी यात्रियों की शिकायतें रही हैं। इस रूट पर ट्रेनों की समयबद्धता सुधारना जरूरी माना जा रहा है। Jharkhand Rail Users Association ने इस मुद्दे को रेलवे के सामने उठाया है। संगठन ने प्रीमियम ट्रेनों के परिचालन में सुधार की मांग की है। संगठन का कहना है कि देरी से यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही रेलवे के संभावित राजस्व पर भी इसका असर पड़ सकता है। संगठन ने पुणे-मुंबई से हावड़ा मार्ग पर समयबद्धता बेहतर करने की मांग की है। बिलासपुर से खड़गपुर तक के महत्वपूर्ण सेक्शन में प्रीमियम ट्रेनों को प्राथमिकता देने की अपील की गई है। अब रेलवे की परिचालन व्यवस्था में बदलाव से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।



