राज्य में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है और अगले पांच दिनों तक बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 से 20 सितंबर तक झारखंड के विभिन्न हिस्सों में वर्षा की संभावना है। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं। कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। गरज के साथ बारिश की गतिविधियां भी अलग-अलग इलाकों में देखी जा सकती हैं। राजधानी रांची में 15 सितंबर को मौसम सामान्य रूप से बादलयुक्त रहने का अनुमान है। रांची में एक-दो दौर की हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री के आसपास रह सकता है। न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री रहने की संभावना है। राज्य में अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में कोई बड़ी गिरावट या बढ़ोतरी अपेक्षित नहीं है।
बारिश के पीछे कई मौसमी प्रणालियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। पूर्वी-मध्य अरब सागर से झारखंड तक ट्रफ रेखा सक्रिय बनी हुई है। यह रेखा गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है। वहीं उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इसके प्रभाव वाले क्षेत्र में तटीय ओडिशा और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं। इन परिस्थितियों के कारण राज्य में नमी और बादलों की गतिविधि बढ़ी हुई है। 16 सितंबर को मौसम विभाग ने कुछ हिस्सों के लिए वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी जारी की है। इस दिन कई जगहों पर मेघ गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। 16 सितंबर को रांची में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रह सकता है। 17 सितंबर को राजधानी का अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री रहने का अनुमान है।
18 सितंबर को झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। रांची में भी गरज के साथ वर्षा हो सकती है। 19 और 20 सितंबर को राज्य के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। राजधानी में भी इस दौरान बारिश के एक-दो दौर आ सकते हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में महत्वपूर्ण परिवर्तन की उम्मीद नहीं है। 16 सितंबर को कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवा के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी। लोगों को बारिश और वज्रपात के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचना चाहिए। पेड़ के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहना बेहतर होगा। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को विभाग की चेतावनियों और स्थानीय अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।



