धनबाद रेल मंडल में ओएचई तार चोरी की दो घटनाओं से रेल व्यवस्था प्रभावित हुई। चोरों ने अलग-अलग रेल खंडों में बिजली से जुड़े उपकरणों को नुकसान पहुंचाया। तार काटे जाने के बाद कोल एरिया बोर्ड क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। इसका असर यात्री ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ा। कई ट्रेनों को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। पहली वारदात कुसुंडा स्टेशन के समीप कुसुंडा-तेतुलमारी लिंक लाइन पर हुई। यहां ओएचई लाइन का एंटी क्रिप वायर काटा गया। रेलवे के कीमैन ने सुबह करीब सात बजे घटना की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद संबंधित तकनीकी विभाग को सूचना दी गई। रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू किया।
लाइन में खराबी के कारण धनबाद से चलने वाली धनबाद-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस को कुसुंडा के पास रोक दिया गया। जयनगर-राउरकेला एक्सप्रेस को भी धनबाद स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। दूसरी घटना टोरी-शिवपुर रेलखंड में कटोतिया साइडिंग के पास सामने आई। वहां चोरों ने लगभग आठ स्पान का कांटेक्ट वायर काट दिया। ओएचई लाइन की कई फिटिंग को भी नुकसान पहुंचाया गया। दो जगहों पर हुई कटिंग के कारण बिजली व्यवस्था में ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न हो गई। इससे रेल परिचालन कुछ समय के लिए बाधित रहा। रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने दोनों स्थानों का निरीक्षण किया। इसके बाद खराब हिस्सों को ठीक करने का काम तेज किया गया। मरम्मत के बाद ट्रेनों की आवाजाही को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने ओएचई लाइन की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। रेलवे ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त नजर रख रहा है जहां पहले भी चोरी की आशंका रही है। तार और फिटिंग की सुरक्षा के लिए तकनीकी टीमों को भी सतर्क किया गया है। ओएचई लाइन में खराबी का सीधा असर इलेक्ट्रिक ट्रेनों की आवाजाही पर पड़ सकता है। यही वजह है कि रेलवे इन उपकरणों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण मान रहा है। घटना के कारण प्रभावित यात्री ट्रेनों को भी निर्धारित समय से अधिक इंतजार करना पड़ा। मरम्मत पूरी होने के बाद परिचालन में धीरे-धीरे सुधार आया। रेलवे अब ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी बढ़ा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से भविष्य में रेल परिचालन पर ऐसे व्यवधान का खतरा कम होने की उम्मीद है।



