प्रारंभिक जांच के अनुसार, मुंबई में रक्षा प्रौद्योगिकी विभाग की एक निजी कंपनी में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता रवि मुरलीधर वर्मा कथित तौर पर एक पाकिस्तानी एजेंट द्वारा रचे गए ‘हनीट्रैप’ का शिकार हो गया था।
सूत्रों के अनुसार, वर्मा ने नौसेना और रक्षा क्षेत्रों से संबंधित संवेदनशील जानकारी, प्रतिबंधित क्षेत्रों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ साझा किए थे। जांच में यह भी पता चला है कि इसके बदले में उसे एक पाकिस्तानी एजेंट से पैसे मिले थे।
सुरक्षा एजेंसियां पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद से देश भर में पाकिस्तानी जासूसों पर नजर रख रही हैं। वर्मा ठाणे के कलवा इलाके के अतीकोनेश्वर नगर में रहता है। अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर ‘हनीट्रैप’ के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों द्वारा भोले-भाले व्यक्तियों को फंसाने की घटनाओं में अचानक वृद्धि की बात कही है।



