एप्पल पर कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने का आरोप.
न्यूयॉर्क: अमेरिकी श्रम बोर्ड ने टेक दिग्गज एप्पल पर कर्मचारियों के सोशल मीडिया और स्लैक जैसे प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक लगाने का आरोप लगाया है।
बोर्ड का कहना है कि कंपनी ने ऐसा करके श्रमिक कानूनों का उल्लंघन किया है।
शिकायत में कहा गया है कि एप्पल ने कर्मचारियों को गोपनीयता समझौतों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया, जिससे वे कार्यस्थल के मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने से हिचकिचाते थे। कंपनी ने व्यापक सोशल मीडिया नीतियां भी लागू कीं, जिनके कारण कर्मचारी अपनी चिंताओं को साझा करने में असमर्थ थे।
श्रम बोर्ड का मानना है कि एप्पल की ये नीतियां कर्मचारियों को संगठित होने और बेहतर काम करने की स्थितियों की मांग करने से रोकती हैं।
अगर एप्पल इस मामले में श्रम बोर्ड के साथ समझौता नहीं करता है, तो फरवरी में एक प्रशासनिक न्यायाधीश इस मामले की सुनवाई करेंगे।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मामला तकनीकी कंपनियों और उनके कर्मचारियों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है। कर्मचारी अब अधिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं और कंपनियां उन्हें दबाने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं।
इस मामले के संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं?
अगर श्रम बोर्ड एप्पल के खिलाफ फैसला देता है, तो कंपनी को अपनी नीतियों में बदलाव करने होंगे। इससे अन्य कंपनियों को भी अपने कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।



