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चुनाव से पहले बीजेपी की मुश्किलें क्यों बढ़ा रही हैं उमा भारती? पूर्व सीएम की एक मांग से कांग्रेस में खुशी की लहर

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक हैं। चुनाव के ठीक पहले लोकसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पास हो गया है। जिसको लेकर पूरे देश में लोग कई तरह की मांग रहे हैं। कई नेताओं ने भी अलग-अलग मांग रखी है। इसी बीच मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी महिला आरक्षण बिल को लेकर अपनी मांग रखी है।

उमा भारती की मांग को लेकर कांग्रेस में खुशी की लहर है। कांग्रेस को बीजेपी के खिलाफ एक नया मुद्दा मिल गया है। उमा भारती ने महिला आरक्षण बिल में ओबीसी कोटा फिक्स करने की मांग की है। जिसको लेकर कांग्रेस ने इसे बीजेपी की पोल खुलना बताया है।

महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पास होने के बाद उमा भारती ने ओबीसी नेताओं के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने कहा कि 60 फिसदी आबादी को उनको अधिकार दिलाकर रहूंगी। महिला आरक्षण बिल हम ओबीसी आरक्षण संशोधन के साथ ही लागू होने देंगे। उन्होंने कहा कि 33 फिसदी आरक्षण को 100 मानकर इसमें 27 फिसदी ओबीसी को आरक्षण दिया जाए। भारती ने सरकार से मांग की है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी जनरल सीटों पर भी एससी, एसटी और ओबीसी को टिकट दे।

उमा भारती ने विधानसभा चुनाव में भी महिलाओं को 50 फिसदी टिकट दिये जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसमें ओबीसी की 50 फिसदी हिस्सेदारी तय की जाए। जिससे प्रदेश का समुचित विकास और सभी को बराबर का प्रतिनिधित्व मिलेगा।
उनकी अपनी ही पार्टी से ये डिमांड बता रही है कि वे पार्टी से नाराज हैं।

आपको बता दें कि बिल पास होने से पहले ही उमा भारती ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने बिल में कई संसोधन के प्रस्ताव रखे थे। बिल पास होने के बाद भारती ने बैठक की है। इस बात को लेकर कांग्रेस में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। कांग्रेस ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी महिला हितैषी बनती है जिसकी पोल उनके की पार्टी की नेता उमा भारती ने खोल कर रख दी है।

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