देवघर : देवघर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। Anti Corruption Bureau Jharkhand की टीम ने रिश्वतखोरी के मामले का खुलासा किया। दुमका एसीबी टीम ने छापेमारी अभियान चलाया। जिला भू-अर्जन कार्यालय को जांच के दायरे में लिया गया। जांच के दौरान रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। टीम ने ट्रैप लगाकर कार्रवाई की। रिश्वत लेते एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। आरोपी प्रधान लिपिक का सहयोगी बताया गया है। कार्रवाई से विभाग में हलचल मच गई। मामले की जांच जारी है।
शिकायतकर्ता ब्रह्मदेव यादव ने एसीबी को आवेदन दिया था। उन्होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के बदले पैसे मांगे गए। आरोप था कि पांच प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी। जांच के दौरान आरोप सही पाए गए। प्रधान लिपिक निरंजन कुमार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा। एसीबी ने योजना बनाकर जाल बिछाया। सहयोगी को पैसे लेने भेजा गया। जैसे ही उसने दस हजार रुपये लिए उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपी उमेश प्रसाद यादव बताया गया है। एसीबी ने उसे हिरासत में ले लिया।
इसके बाद टीम ने सरकारी आवास पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान बड़ी नकदी बरामद हुई। अधिकारियों को तीन लाख उन्नीस हजार आठ सौ रुपये मिले। नकदी को जब्त कर जांच शुरू की गई है। दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कई फाइलें कब्जे में ली हैं। एसीबी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद और खुलासे हो सकते हैं। मामले ने जिले में चर्चा बढ़ा दी है।



