JharkhandStates

कोयला कारोबार जांच में ईडी को कई अहम रिकॉर्ड मिलने की जानकारी.

भुगतान विवरण सहित दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी प्रवर्तन एजेंसी अब.

प्रवर्तन निदेशालय की कोयला कारोबार से जुड़ी जांच लगातार आगे बढ़ रही है। हालिया छापेमारी के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार कुछ रिकॉर्ड में अधिकारियों को कथित भुगतान का विवरण दर्ज मिला है। इन दस्तावेजों में नाम की जगह केवल पदनाम लिखे गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक विभागों से जुड़े कुछ पदों का उल्लेख बताया गया है। दस्तावेजों में अलग-अलग पदों के अनुसार अलग-अलग राशि दर्ज है। फिलहाल इन रिकॉर्ड की सत्यता की जांच की जा रही है। ईडी ने अभी किसी अधिकारी के खिलाफ आधिकारिक आरोप नहीं लगाया है। एजेंसी सभी दस्तावेजों का कानूनी परीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने तक मामले पर अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।

ईडी ने 28 जुलाई को धनबाद में कई कोयला कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए। जांच में 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात कही गई है। इसके साथ ही 200 से अधिक सेल डीड भी बरामद हुए हैं। कुछ रिकॉर्ड में कथित वित्तीय लेनदेन का अलग से हिसाब मिलने का दावा किया गया है। ईडी अब इन दस्तावेजों की विस्तार से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन भुगतानों का उद्देश्य क्या था। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। सभी पहलुओं की बारीकी से जांच जारी है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार जब्त रिकॉर्ड में कुछ अन्य जिलों से जुड़े पदनामों का भी उल्लेख किया गया है। इससे जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि कथित अवैध कारोबार किन-किन क्षेत्रों तक फैला था। दस्तावेजों में छोटे और बड़े पदों के अनुसार भुगतान की अलग-अलग राशि दर्ज होने की बात कही गई है। इसके अलावा कुछ सरकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट भी जब्त होने की जानकारी है। इन रिपोर्टों में अवैध कोयला कारोबार से संबंधित जानकारियां दर्ज बताई गई हैं। ईडी इन सभी दस्तावेजों का मिलान अन्य साक्ष्यों के साथ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। एजेंसी की कार्रवाई पूरे मामले पर लगातार जारी है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button