नई दिल्ली: दिल्ली की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बल्याण की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह याचिका मकोका (MCOCA) के तहत दर्ज एक संगठित अपराध के मामले में दायर की गई थी। विशेष न्यायाधीश दिग विजय सिंह ने कहा कि आरोपी को राहत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं। यह बल्याण की दूसरी जमानत याचिका थी।
बल्याण को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल से अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने 1 मई को इस केस में चार आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें बल्याण का नाम भी शामिल है। अन्य आरोपी साहिल उर्फ पोली, विजय उर्फ कालू और ज्योति प्रकाश उर्फ बाबा हैं। इन सभी पर मकोका की कठोर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों का संगठित आपराधिक गिरोह से संबंध है और वे गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। अदालत ने चार्जशीट की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया। अब अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।



