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महिला और बाल कल्याण योजनाओं को लेकर सरकार हुई गंभीर आज.

सखी वन स्टॉप सेंटर और पेंशन योजनाओं की हुई समीक्षा बैठक.

रांची : मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं की वर्तमान स्थिति और कार्य प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद लोगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्ध बजट का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में विभाग के रिक्त पदों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि कई पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया लंबित है। मुख्यमंत्री ने इन पदों को जल्द भरने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने मिशन मोड में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किराए और जर्जर भवनों में चल रहे केंद्रों को बेहतर भवनों में स्थानांतरित किया जाए। सीएसआर और डीएमएफटी फंड के उपयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना मजबूत करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने बिजली, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि कई आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी विद्यालय परिसरों में शिफ्ट किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टॉप सेंटर के प्रति महिलाओं को जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने महिला हेल्पलाइन नंबर को लेकर प्रचार अभियान चलाने पर जोर दिया। महिलाओं की शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया। पोषण ट्रैकर पोर्टल के जरिए निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता है। विभाग को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाने का निर्देश दिया गया।

मुख्यमंत्री Hemant Soren ने बाल विवाह रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में ऐसे मामले अधिक हैं वहां जागरूकता अभियान तेज किया जाए। बाल विवाह में शामिल लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया और ऑडियो-वीडियो माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जाए। स्कूल और कॉलेज स्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया गया। बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने वाली बालिकाओं को समाज में प्रेरणा के रूप में आगे लाने की बात कही गई। बैठक में मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना की समीक्षा भी की गई। पात्र लाभुकों को योजना से जोड़ने पर जोर दिया गया। मईयां सम्मान योजना और किशोरी समृद्धि योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। दिव्यांग बच्चों के लिए छात्रवृत्ति और विशेष उपकरण उपलब्ध कराने की योजनाओं की समीक्षा की गई। राज्य सरकार महिला और बाल विकास योजनाओं को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

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