झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। इसी बीच एक नया घटनाक्रम सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है। 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी बबीता के आत्मसमर्पण करने की सूचना मिल रही है। हालांकि अभी तक किसी भी अधिकारी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां इस संबंध में तथ्य जुटाने में लगी हैं। बताया जा रहा है कि बबीता भी लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़ी रही है। विभिन्न जिलों में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज होने की बात कही जा रही है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार पति की गिरफ्तारी के बाद बबीता ने संगठन छोड़ने का फैसला लिया। सूत्रों का दावा है कि उसने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण की इच्छा जताई है। उसके खिलाफ गिरिडीह, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में नक्सली गतिविधियों से जुड़े मामले दर्ज बताए जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियां उसके बारे में उपलब्ध सभी सूचनाओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह सूचना सही साबित होती है तो इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव संगठन पर पड़ सकता है। नक्सल विरोधी अभियान में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। एजेंसियां आधिकारिक पुष्टि से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं। मामले पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा बल सतर्क बने हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान में अजय महतो को गिरफ्तार किया था। वह पारसनाथ और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी चेहरा माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों की वांटेड सूची में उसका नाम लंबे समय से शामिल था। गिरफ्तारी के बाद उससे गहन पूछताछ की जा रही है। संगठन की गतिविधियों और नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों को पूछताछ से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान और तेज किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रही हैं। अजय महतो की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना गया है। अब बबीता के संभावित आत्मसमर्पण की खबर चर्चा का विषय बनी हुई है।



