रांची के बुढ़मू अंचल से जुड़े कथित रिश्वत मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अंचल अधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा के खिलाफ दो रैयतों ने अदालत में बयान दर्ज कराया है। दोनों ने आरोप लगाया कि जमीन संबंधी कार्य के लिए उनसे अवैध राशि की मांग की गई थी। उनका कहना है कि राशि नहीं देने पर उनका काम लंबित रखा गया। इससे पहले भी इसी मामले में एसीबी ने कार्रवाई की थी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अंचल अधिकारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। तीनों से तीन दिन तक पूछताछ की गई। रिमांड के दौरान कई दस्तावेजों और तथ्यों की जांच की गई। अब अदालत में दर्ज बयानों के बाद जांच और व्यापक हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
शिकायतकर्ता सुबोध कुमार ने आरोप लगाया कि जमीन के म्यूटेशन के लिए पहले बड़ी रकम की मांग की गई थी। बाद में कथित तौर पर कम राशि देने का प्रस्ताव रखा गया। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने स्वतंत्र रूप से सत्यापन कराया। सत्यापन में आरोपों की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान कई अन्य जानकारियां भी सामने आईं। जांच एजेंसी ने जमीन संबंधी रिकॉर्ड का भी परीक्षण किया। कई दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार 200 एकड़ से अधिक जमीन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की भी जांच चल रही है। ऑनलाइन रिकॉर्ड और राजस्व दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। आरोप है कि कुछ रिकॉर्ड में बदलाव किए गए हैं। एसीबी जमीन कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच रही है। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। अदालत में दर्ज बयानों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। हालांकि अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी अतिरिक्त कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। एसीबी पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है। फिलहाल इस मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।



